तालेबान के ख़िलाफ़ अभियान धीमा पड़ा

बमों की तलाश
Image caption रविवार को सैन्य कार्रवाई में 12 निर्दोष नागरिक मारे गए.

रास्ते में बिछाए बमों के ख़तरे ने तालेबान के ख़िलाफ़ नैटो सैनिकों के अभियान को धीमा कर दिया है.

कंधार स्थित बीबीसी संवाददाता फ़्रैंक गार्डनर का कहना है कि आशंका के विपरीत नैटो सैनिकों को भारी मात्रा में बम मिल रहे हैं.

नैटो ने कहा था कि हेलमंद के दो ज़िलों में अभियान सफल रहा है और अब दूसरे इलाक़ों की ओर सैनिक कूच कर रहे हैं.

नैटो, अमरीकी और अफ़ग़ान सैनिक मिल कर तालेबान चरमपंथियों के ख़िलाफ़ 'मोशतरक' नाम से अभियान चला रहे हैं.

Image caption तालेबान ने सड़कों के किनारे बम बिछा दिया है.

यह 2001 में तालेबान की हार के बाद का सबसे बड़ा सैन्य अभियान है.

इस अभियान में नैटो ने रविवार को 12 निर्दोष लोगों के मारे जाने की पुष्टि की थी जिसकी आलोचना हो रही है. हालाँकि नैटो कमांडर ने इस घटना के लिए माफी माँगी है.

नैटो के नेतृत्व वाले अभियानों में आम नागरिकों का काफ़ी ध्यान रखा जाता है लेकिन फिर भी इन अभियानों में कई नागरिकों की मौतें हो चुकी हैं.

राष्ट्रपति हामिद करज़ई के कार्यालय से जारी वक्तव्य में नागरिकों की मौत की जांच की मांग की गई है. कार्यालय के अनुसार मारे गए लोगों में एक ही परिवार के 10 लोग थे.

नैटो के बयान में कहा गया है कि उन्होंने जो दो रॉकेट छोड़े थे उससे 12 नागरिकों की मौत हुई है.

जनरल मैक्रिस्टल का कहना था, ‘‘ हमें अफ़सोस है कि इस अभियान में आम लोग मारे गए. हम कोशिश कर रहे हैं कि ऐसा भविष्य में न हो.’’

सतर्क अभियान

बीबीसी संवाददाताओं के मुताबिक मरजाह ज़िले के आस-पास अमरीकी सैनिकों की गतिविधि सीमित हो गई है क्योंकि सड़क किनारे अधिक मात्रा में बम मिल रहे हैं.

ऐसा माना जा रहा है कि इस इलाक़े में छिपे चरमपंथी मरजाह में ही शरण लिए हुए हैं.

नैटो के ख़ुफ़िया प्रमुख का मानना है कि तालेबान लड़ाकों ने देखो और इंतज़ार करो की नीति अपनाई है. उनके मुताबिक उन्होंने हमला रोका हुआ है और वे देखना चाहते हैं कि अगले तीन-चार दिनों में अंतरराष्ट्रीय सेना रूकती है या चली जाती है.

नैटो और अफ़ग़ान कमांडरों का दावा है कि क़ब्ज़े में लिए गए इलाक़ों पर नियंत्रण बनाए रखने में वे सक्षम हैं और अगले कुछ दिनों में नव प्रशिक्षित सुरक्षाकर्मी ज़िम्मेदारी संभाल लेंगे.

रविवार को मरजाह के केंद्र में अमरीकी सैनिकों और तालेबान लड़ाकों के बीच जम कर लड़ाई हुई. फिर इन लड़ाकों के एक परिसर में छिपे होने की ख़बर के बाद रॉकेट दागा गया.

लेकिन रॉकेट भटक कर आवासीय इलाक़े में जा गिरा जिसमें 12 लोग मारे गए.

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