पाक का साथ ज़रूरी: हॉलब्रुक

हॉलब्रुक
Image caption हॉलब्रुक गुरुवार को पाकिस्तान के दौरे पर पहुँच रहे हैं

अमरीका के विशेष दूत रिचर्ड हॉलब्रूक ने एक बार फिर दोहराया है कि अफ़ग़ानिस्तान में शांति और स्थिरता के लिए पाकिस्तान का साथ ज़रूरी है.

बीबीसी से हुई बातचीत में हॉलब्रुक ने कहा है कि ईरान और भारत के साथ-साथ क्षेत्र में पाकिस्तान की भी सुरक्षा चिंताएँ हैं.

उनका कहना है कि अफ़ग़ानिस्तान सरकार ख़ुद भी मानती है पाकिस्तान को इस प्रक्रिया में शामिल किए बिना वहाँ शांति संभव नहीं है.

दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान के ख़िलाफ़ चल रहे बड़े सैन्य अभियान 'ऑपरेशन मोशतरक' के विषय में उन्होंने कहा कि वह ठीक चल रहा है लेकिन अभी भी प्रारंभिक चरणों में है.

उन्होंने कहा कि यह अपने क़िस्म का कोई आख़िरी अभियान भी नहीं है.

रिचर्ड हॉलब्रुक ने कहा कि एक बार तालेबान का सफ़ाया हो जाए तो इसके बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय सुरक्षा बलों को प्रशिक्षण और नागरिक सुविधाएँ देना जारी रख सकेगा.

बदलाव

Image caption पाकिस्तान में तालेबान के ख़िलाफ़ कार्रवाई से अमरीका संतुष्ट दिखाई देता है

इस्लामाबाद में बीबीसी संवाददाता हारुन रशीद का कहना है कि अमरीका का ऐसा बयान काफ़ी समय बाद आया है और यह बताता कि अफ़ग़ानिस्तान में पाकिस्तान की भूमिका अभी ख़त्म नहीं हुई है.

उनका कहना है कि हाल के दिनों में पाकिस्तान ने तालेबान के ख़िलाफ़ जिस तरह से कार्रवाई की है और कुछ महत्वपूर्ण लोगों को गिरफ़्तार किया है इसकी वजह से अमरीका ऐसा कह रहा है.

उनका कहना है कि आम तौर पर अमरीका पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई पर निशाना साधता रहा है लेकिन अब अमरीका के बयान से लगता है कि उसका नज़रिया कुछ बदला है.

अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान के बारे में चर्चा करते हुए ईरान और भारत के ज़िक्र के सवाल पर हारुन रशीद मानते हैं कि अमरीका एक तो पाकिस्तान को आश्वासन देना चाहता है कि वह अफ़ग़ानिस्तान में भारत के बढ़ते प्रभाव को नियंत्रित करेगा, दूसरे वह चाहता है कि अफ़ग़ानिस्तान के बारे में सभी पड़ोसी देश एक दूसरे पर शक करना छोड़ दें.

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