पाकिस्तानी सिख रिहा हुए

जम्मू में विरोध
Image caption पाकिस्तानी सिखों के अपहरण पर जम्मू में सिखों ने तालेबान विरोधी प्रदर्शन किए थे

पाकिस्तान में ख़ैबर क़बायली क्षेत्र में पिछले दिनों अगवा किए गए दो पाकिस्तानी सिख नागरिकों को सुरक्षाकर्मियों ने रिहा करा लिया है और वे पेशावर में अपने घर लौट आए हैं.

पाकिस्तान के क़बायली क्षेत्र ख़ैबर से विद्रोहियों ने जनवरी में तीन सिखों को फिरौती के लिए अग़वा कर लिया था और उनकी रिहाई के लिए तीन करोड़ रूपयों की माँग की थी.

पिछले सप्ताह इन तीन अपहृत सिखों में से एक की सिरकटी लाश बरामद की गई थी जिसकी पहचान जसपाल सिंह के तौर पर की गई.

इस दिन एक और सिख व्यक्ति की लाश मिलने की ख़बर आई थी लेकिन सरकारी तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की गई.

पिछले महीने पाकिस्तान के ख़ैबर और ओरकज़ई क़बायली क्षेत्र से कुल सात सिखों का अपहरण करने की कोशिशें होने की ख़बर आई थी.

इनमें से चार सिख किसी तरह भाग सकने में सफल रहे और तीन को विद्रोहियों ने पकड़ लिया था.

कार्रवाई

पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल अतहर अब्बास ने बीबीसी को बताया कि सुरक्षाबलों ने सोमवार को कार्रवाई कर दो सिख व्यक्तियों - सुरजीत सिंह और गुरविंदर सिंह - को रिहा कराया.

उन्होंने बताया कि सुरक्षाबलों ने ख़ैबर और ओरकज़ई क़बायली इलाक़े की सीमा पर फ़िरोज़खेल नामक स्थान पर कार्रवाई की जिसमें कुछ चरमपंथी भी मारे गए हैं.

सेना प्रवक्ता ने बताया कि कार्रवाई के दौरान गुरविंदर सिंह को भी चोट लगी मगर उन्हें विद्रोहियों के चंगुल से छुड़ा लिया गया.

पाकिस्तान की समाचार एजेंसी एपीपी के अनुसार रिहाई के बाद दोनों सिख लोग पेशावर में मोहल्ला जोगन शाह इलाक़े में स्थित अपने घर आए जहाँ स्थानीय लोगों ने फूल बरसाकर उनका स्वागत किया.

पाकिस्तान में सिखों के अपहरण पर पाकिस्तान और भारत समेत दुनिया के तमाम देशों में सिख समुदायों ने भारी विरोध किया था.

इसके बाद पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी ने अपने अधिकारियों को सिखों की रिहाई की दिशा मे कार्रवाई करने का आदेश दिया था.

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