तालेबान हमलों की सीधी रिपोर्टिंग नहीं

Image caption सरकार का कहना है कि सीधी रिपोर्टिंग से चरमपंथियों को रणनीतिक फ़ायदा मिलता है.

अफ़ग़ानिस्तान सरकार ने देश में चरमपंथी हमलों के सीधे मीडिया कवरेज पर रोक लगा दी है.

सरकार का कहना है कि सीधे प्रसारण से हमलों के दौरान चरमपंथियों को मदद मिल सकती है.

अभी एक दिन पहले ही काबुल में हुए आत्मघाती हमले में तालेबान चमरंपथियों ने 17 लोगों को मार दिया है.

अफ़ग़ान सरकार ने राष्ट्रपति चुनाव के दौरान अगस्त 2009 में ऐसा ही प्रतिबंध लगाया था.

ताज़ा अनिश्चितकालीन प्रतिबंध घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मीडिया पर लागू होगा. पत्रकारों ने इसकी आलोचना करते हुए इसे सेंसरशिप करार दिया है.

अफ़ग़ानिस्तान में स्वतंत्र पत्रकार यूनियन के अध्यक्ष रहीमुल्ला समंदर कहते हैं, “हम इसे सेंसरशिप के तौर पर देख रहे हैं. ये रिपोर्टिंग को रोकने के समान है और संविधान के अनुरूप नहीं है.”

लेकिन अफ़ग़ान ख़ुफ़िया एजेंसी के प्रवक्ता ने कहा है कि ये प्रतिबंध अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून के तहत लागू किया जाएगा.

पत्रकारों के केवल हमलों के बाद के हालातों की रिपोर्टिंग करने दी जाएगी. अभी ये स्पष्ट नहीं है कि ये नया प्रतिबंध लागू कैसे किया जाएगा ये स्पष्ट नहीं है.

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