विवादों के बीच ब्राउन हेलमंद पहुँचे

गॉर्डन ब्राउन
Image caption ब्राउन ने तालेबान के ख़िलाफ़ लड़ाई में मिली सफलताओं पर ब्रितानी सैनिकों को बधाई दी

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन ऐसे वक़्त अफ़ग़ानिस्तान के संक्षिप्त दौरे पर पहुँचे हैं जब सेना की ज़रूरतों के बारे में उनके बयान पर विवाद उठ खड़ा हुआ है.

ब्राउन शनिवार को अफ़ग़ानिस्तान में हेलमंद प्रांत पहुँचे और वहाँ शवाल शहर को तालेबान से मुक्त कराने के लिए ब्रितानी सैनिकों को बधाई दी.

उल्लेखनीय है कि इराक़ युद्ध पर बनी चिलकॉट जाँच समिति के सामने अपनी गवाही में ब्राउन ने शुक्रवार को कहा था कि वित्त मंत्री रहने के दौरान उन्होंने सेना की तमाम आर्थिक ज़रूरतों को पूरा किया था.

सेना के दो पूर्व प्रमुखों ने ब्राउन के इस बयान को ग़लत बताया है.

सेवानिवृत जनरल चार्ल्स गथरी ने आरोप लगाया है कि इराक़ युद्ध के दौरान अतिरिक्त हेलीकॉप्टरों के लिए धन की माँग को ब्राउन ने ठुकरा दिया था. एक और पूर्व जनरल माइकल बॉयस ने भी ब्राउन पर ग़लतबयानी का आरोप लगाते हुए कहा है कि वे ये कह कर ज़िम्मेदारियों से बच नहीं सकते कि- मैंने सेना की सारी माँगें पूरी की थी.

विपक्षी लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी ने चिलकॉट जाँच समिति से संबंधित दस्तावेज़ों को सार्वजनिक करने की माँग की है, ताकि ये साबित हो सके कि ब्राउन ठीक कह रहे हैं, या झूठ बोल रहे हैं.

'दौरा इसी समय क्यों?'

इस बीच मुख्य विपक्षी कंज़रवेटिव पार्टी का कहना है कि ब्राउन ने अपने बयान पर उठे विवाद से लोगों का ध्यान हटाने के लिए अफ़ग़ानिस्तान दौरे का ये वक़्त चुना है.

प्रधानमंत्री कार्यालय के एक प्रवक्ता ने कंजरवेटिव पार्टी के इस आरोप को ग़लत बताते हुए कहा है कि इराक़ जाँच समिति के समक्ष ब्राउन की पेशी और उनके हेलमंद दौरे के कार्यक्रम अलग-अलग तय किए गए थे.

प्रधानमंत्री ब्राउन ने हेलमंद में ब्रितानी सैनिकों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें बमों का पता लगाने वाले 2000 अतिरिक्त डिटेक्टर भेजे जाएंगे.

उन्होंने हेलमंद में तैनात ब्रितानी सैनिकों को पैट्रोलिंग के लिए नई हल्की गाड़ियों की आपूर्ति करने का भरोसा दिलाया.

आलोचकों का कहना है कि इस समय हेलमंद में ब्रितानी सैनिक जिस बख़्तरबंद लैंडरोवर गाड़ियों का उपयोग करते हैं उनको आईईडी विस्फोटकों से निशाना बनाना आसान है.

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