दो बड़े माओवादी नेता मारे गए

शेकामुरी अप्पाराव आंध्र में माओवादियों को फिर से संगठित कर रहे थे

आंध्र प्रदेश में पुलिस का कहना है कि उसने दो अलग-अलग मुठभेड़ों में दो बड़े माओवादी नेताओं को मार दिया है.

इनमें से एक शाकामुरी अप्पाराव हैं और पुलिस का कहना है कि उनको प्रकाशम ज़िले में हुए एक मुठभेड़ में मारा गया है.

वे भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के केंद्रीय समिति के सदस्य थे और उन पर दस लाख रुपए का इनाम था.

दूसरे एस कोंडलरेड्डी हैं और वे दक्षिण तेलंगाना में सीपीआई (माओवादी) के संयोजक रहे हैं.

माना जा रहा है कि इन दोनों नेताओं, ख़ासकर शाकामुरी अप्पाराव के मारे जाने से आंध्र प्रदेश में फिर से क़दम जमाने की माओवादियों की कोशिशों को बड़ा झटका लगा है.

माओवादियों समर्थक और विद्रोही कवि गदर और वरवराराव ने अलग-अलग बयानों में कहा है कि इन दोनों ही नेताओं को महाराष्ट्र में तीन दिन पहले गिरफ़्तार किया गया था और तीन दिन जेल में रखने के बाद उन्हें फ़र्ज़ी मुठभेड़ में गोली मार दी गई.

कवि गदर ने कहा, "यह चिदंबरम की मर्ज़ी से हुआ और यह उनके ऑपरेशन ग्रीन हंट का हिस्सा है."

मुठभेड़

पुलिस के अनुसार 50 वर्षीय अप्पाराव नल्लामल्ला के जंगलों में पुल्लालाचेर्वु मंडल के नेतिकोंडा गाँव के पास एक मुठभेड़ में मारे गए.

घटना उस समय हुई जब पुलिस का विशेष दल उस इलाके में तलाशी अभियान पर था.

घटना स्थल से पुलिस को एक एके-47 राइफ़ल मिली है.

उन पर 1993 में एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी केएस व्यास की हत्या सहित कई गंभीर आरोप थे.

अप्पाराव भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की केंद्रीय समिति के सदस्य थे और उन्हें छापामार युद्ध का विशेषज्ञ माना जाता था.

उन्होंने कई माओवादी हमलों का नेतृत्व किया था.

आंध्र प्रदेश में गत चार पाँच वर्षों में कई बड़े माओवादी नेताओं के मारे जाने या छत्तीसगढ़ और उडी़सा चले जाने के बाद भी अप्पाराव नल्लामल्ला के जंगल में रह रहे थे.

पुलिस का कहना है कि वह माओवादियों को फिर से संगठित करने की कोशिश कर रहे थे.

पुलिस के अनुसार दूसरी मुठभेड़ वारंगल ज़िले के ताड़वाई के पास हुई है.

अधिकारियों ने कहा है कि एस कोंडलरेड्डी के पास से भी एके-47 बरामद हुई है.

शाकामुरी की मौत माओवादियों को एक वर्ष के भीतर यह दूसरा बड़ा झटका है.

वर्ष 2009 में एक और केंद्रीय समिति के सदस्य और मिलिट्री कमीशन के प्रमुख पटेल सुधाकर रेड्डी को वारंगल ज़िले में पुलिस ने एक मुठभेड़ में मार दिया था.

वैसे सुरक्षा बलों ने वर्ष 2009 से अब तक कई बड़े माओवादी नेताओं को गिरफ़्तार भी किया है.

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