अफ़ग़ानिस्तान चुनावों पर तू-तू, मैं-मैं

पूर्व संयुक्त राष्ट्र पर्यवेक्षक पीटर गॉलब्रेथ

अफ़गानिस्तान के राष्ट्रपति चुनावों में गड़बड़ी का मामला एकबार फिर आरोप-प्रत्यारोप की शक्ल में सामने आ रहा है.

गुरुवार को ही राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने संयुक्त राष्ट्र पर्यवेक्षकों पर पिछले साल हुए विवादित चुनावों के दौरान गड़बड़ी करने का आरोप लगाया था.

इसपर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पूर्व संयुक्त राष्ट्र पर्यवेक्षक पीटर गॉलब्रेथ ने कहा है कि हामिद करज़ई के आरोप बेबुनियाद हैं.

इस तरह दोनों ओर से एकबार फिर चुनावों में अनियमितताओं की शिकायत पर आरोप-प्रत्यारोप का मामला शुरू हो गया है. इससे पहले भी करज़ई पर्यवेक्षकों पर उनकी छवि खराब करने का आरोप लगा चुके हैं.

गुरुवार को करज़ई ने माना था कि पिछले साल हुए चुनावों के दौरान बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई थी लेकिन उन्होंने साफ़ कहा कि इस गड़बड़ी के लिए अफ़गानिस्तानी नहीं, बल्कि विदेशी लोग ज़िम्मेदार थे.

उन्होंने अफ़गानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र मिशन के प्रमुख पीटर गॉलब्रेथ पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि इस पूरी गड़बड़ी का सूत्रधार गॉलब्रेथ का कार्यालय था.

लेकिन गॉलब्रेथ ने राष्ट्रपति करज़ई के इन आरोपों को ग़लत क़रार दिया है. गॉलब्रेथ को पिछले वर्ष इस आधार पर पद से हटाया गया था कि संयुक्त राष्ट्र ने अफ़गानिस्तान में चुनावों को निष्पक्ष और स्वतंत्र रखने के लिए पर्याप्त उपाय नहीं किए.

करज़ई पर पलटवार

Image caption करज़ई ने पहली बार खुल कर संयुक्त राष्ट्र मिशन के पूर्व प्रमुख पर आरोप लगाए हैं.

गॉलब्रेथ ने चुटकी लेते हुए कहा, "मुझे लगा कि करज़ई ऐसा बयान देकर मेरे साथ अप्रैल फ़ूल वाला मज़ाक कर रहे हैं पर मुझे आभास हुआ कि उनसे मेरी ऐसी निकटता तो रही नहीं कि वे मेरे साथ ऐसा मज़ाक करें."

करज़ई के ये आरोप उस समय आए हैं जब इसी सप्ताह चुनावों के लिए सभी अफ़गान पर्यवेक्षक रखने के राष्ट्रपति के प्रयास को संसद ने ख़ारिज़ कर दिया है.

करज़ई अफ़गानिस्तान की चुनाव प्रक्रिया के लिए सभी पर्यवेक्षक स्वयं नियुक्त करना चाहते हैं जबकि संसद उन्हें ऐसा करने से रोक रही है.

वर्ष 2009 में हुए राष्ट्रपति चुनावों के पहले दौर में करज़ई को स्पष्ट विजेता घोषित नहीं किया गया था लेकिन दूसरे दौर में उनके विरोधियों के चुनाव से हट जाने के बाद उनकी जीत का ऐलान किया गया था.

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