वाणिज्य दूतावास पर हमले से अमरीका चिंतित

Image caption पेशावर में स्थित अमरीकी वाणिज्य दूतावास के पास धमाका.

अमरीका ने पेशावर स्थित अमरीकी वाणिज्य दूतावास पर हमले हमले पर गहरी चिंता जताई है.

पाकिस्तान के तालेबान ने इस हमले की ज़िम्मेदारी ली थी.

हमले में सात लोग मारे गए जिनमें तीन सुरक्षाकर्मी और चार चरमपंथी शामिल हैं.

वाणिज्य दूतावास के बाहर एक के बाद एक कई धमाके हुए लेकिन हमलावर वाणिज्य दूतावास के परिसर में घुस पाने में सफल नहीं हुए.

धमाकों के बाद हमलावरों और सुरक्षा बलों के बीच काफ़ी देर तक गोलाबारी होती रही.

तालेबान के प्रवक्ता ने कहा है कि वो अमरीका को अपना दुश्मन मानते हैं और अमरीकी प्रतिष्ठानों पर हमला करना जारी रखेंगे.

सरहदी सूबे के वरिष्ठ मंत्री बशीर अहमद बिलोर ने कहा, '' हमलावर दो गाड़ियो में आए थे. चरमपंथियों के पास अच्छी खासी संख्या में हथियार थे. ये बिल्कुल सुनियोजित हमला था.''

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि जहां धमाके हुए हैं उसके पास बहुत देर तक गोलाबारी होती रही.

यहां हुए धमाके काफ़ी शक्तिशाली थे और धमाकों के बाद बड़ी देर तक धुआं शहर के ऊपर दिखाई देता रहा.

रैली में धमाका

इस हमले से कुछ ही देर पहले पाकिस्तान के लोअर दीर ज़िले में पश्तून अवामी नेशनल पार्टी यानी एएनपी की रैली के दौरान धमाका हुआ. इन धमाकों में 43 लोग मारे गए थे.

रैली का आयोजन पश्तून अवामी नेशनल पार्टी यानी एएनपी ने किया था जो उत्तर पश्चिम फ्रंटियर प्रांत में गठबंधन दलों की अगुआई कर रही है.

एएनपी इस्लामी चरमपंथियों का लगातार विरोध करती रही है और उनकी रैलियों पर अकसर तालेबान लड़ाके हमले करते रहे हैं.

लोअर दीर ज़िले में पिछले कुछ महीनों में तालेबान के ख़िलाफ़ बड़ा अभियान चला है.

इस रैली में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे.

ये रैली उत्तर पश्चिम फ्रंटियर प्रांत का नाम बदलने के अवसर पर आयोजित हो रही थी. इलाके़ का नाम बदल कर अब ख़ैबर पख्तूनखवा हो गया है.

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