श्रीलंका में संसदीय चुनावों के लिए मतदान

राजपक्षे के समर्थक
Image caption राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे की लोकप्रियता काफ़ी बढ़ गई है.

श्रीलंका में राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे के सत्ता में आने के दो महीने बाद नई संसद के लिए चुनाव हो रहा है और मतदान कुछ ही घंटों में शुरु हो जाएगा.

देश में तमिल विद्रोहियों के साथ पिछले साल युद्ध समाप्त होने के बाद ये पहले संसदीय चुनाव होंगे.

जनवरी में राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे अच्छे ख़ासे बहुमत से जीतकर दोबारा राष्ट्रपति बने थे. राजपक्षे को उम्मीद है कि संसदीय चुनावों के बाद देश की राजनीति पर उनकी पकड़ और मज़बूत हो जाएगी.

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति चुनावों के बाद राजपक्षे के मुख्य विरोधी और पूर्व सेनाध्यक्ष उम्मीदवार सरत फोनसेका जेल में बंद कर दिए गए थे और वो अभी भी जेल में ही हैं.

वो जेल से ही संसदीय चुनावों में हिस्सा ले रहे हैं. फोनसेका के समर्थन में धरना प्रदर्शन तो हुए हैं लेकिन इनकी संख्या कम ही देखी गई है.

देश की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी ने जनरल फोनसेका से ख़ुद को अलग कर लिया है जबकि तमिल गठबंधन पूर्व और उत्तर के इलाक़े में अपने दम पर चुनाव लड़ रहा है.

तमिल गठबंधन ने राष्ट्रपति चुनावों के दौरान फोनसेका को समर्थन दिया था.

तमिल विद्रोह को ख़त्म करने के बाद राजपक्षे की देश भर में लोकप्रियता बढ़ी है. उनका कहना है कि तमिल इलाक़ों में बड़े विकास कार्य करने से तमिल जनता देश से जुड़ेगी.

हालांकि राजपक्षे के आलोचक कहते हैं कि वो अल्पसंख्यक समुदाय के साथ अर्थपूर्ण तरीके से संबंध बढ़ाने की कोशिश नहीं कर रहे हैं.

श्रीलंका में बीबीसी संवाददाता का कहना है कि विपक्ष बंटा हुआ है और सरकार की आलोचना करने के लिए विपक्षी दलों में एकजुटता नहीं है.

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