तालेबान कमांडर समय से पहले रिहा

तालेबान
Image caption तालेबान कमांडर को पिछले साल ईद से पहले रिहा कर दिया गया था

बीबीसी को पता चला है कि काबुल में विदेशियों का अपहरण करने वाले एक तालेबान कमांडर को गुप्त समझौते के तहत जेल से रिहा कर दिया गया है.

विदेशियों के अपहरण के दोषी पाए गए तालेबान कमांडर अकबर आग़ा को वर्ष 2004 में संयुक्त राष्ट्र के तीन कर्मचारियों को काबुल में अपहरण करने का दोषी पाया गया था. उन्हें 16 साल की जेल की सज़ा सुनाई गई थी.

बीबीसी की जानकारी के मुताबिक उन्हें पिछले साल के अंत में जेल से रिहा कर दिया गया था.

दोस्तों का बयान

उनके दोस्तों ने बीबीसी को बताया कि आग़ा को राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने माफ़ी दे दी थी. लेकिन राष्ट्रपति के प्रवक्ता ने कहा कि राष्ट्रपति को इस मामले के बारे में कुछ याद नहीं है.

अफ़ग़ानिस्तान में मानवाधिकार मामलों से संबंधित एक अधिकारी का कहना है कि पैसे और प्रभाव वाले लोगों को गुप्त रूप से माफ़ी दी जाती है.

संयुक्त राष्ट्र के ये कर्मचारी पहले ऐसे विदेशी नागरिक थे जिनका काबुल से अपहरण हुआ था.

जिनका अपहरण हुआ था, उनमें उत्तरी आयरलैंड की एक महिला और दो पुरुष थे जो कोसोवो व फ़िलिपींस से थे. तीनों को एक महीने बाद रिहा किया गया था.

इस घटना को अंजाम देकर अकबर आग़ा ने तालेबान से अलग समूह ज़ैश-उल-मुस्लिमीन की शुरुआत की थी,

लेकिन अकबर आग़ा और उनके साथियों को गिरफ़्तार कर लिया गया और आग़ा को 16 साल की जेल की सज़ा सुनाई गई थी.

संयु्क्त राष्ट्र को सूचित किया

इसके लिए कोई सरकारी घोषणा नहीं की गई लेकिन अफ़ग़ानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र के पूर्व प्रमुख काई ईद ने कहा कि उन्हें इस रिहाई के बारे में सूचित किया गया था.

उन्होंने यह स्वीकार किया कि उन्होंने यह मसला राष्ट्रपति के सामने नहीं उठाया.

वहीं ब्रितानी दूतावास का कहना है कि उसे सूचित किया गया था या नहीं, वह इस पर टिप्पणी नहीं कर सकता है.

इस संबंध में जब बीबीसी ने राष्ट्रपति के प्रवक्ता से पूछा तो उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति को यह मामला याद नहीं है.

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