संविधान संशोधन विधेयक पारित

Image caption पाकिस्तान में अब राष्ट्रपति से ज़्यादा अधिकार प्रधानमंत्री के पास

पाकिस्तानी संसद ने उस संविधान संशोधन को पारित कर दिया है जिसमें राष्ट्रपति के कई अधिकार संसद और प्रधानमंत्री को हस्तांतरित करने की व्यवस्था है.

इस विधेयक के ज़रिए पश्चिमोत्तर सीमांत प्रांत का नाम भी बदला जा रहा है. अब इस सूबे का नाम होगा खैबर-पख़्तूनख़्वा, यानि पश्तूनों की भूमि का खैबर वाला हिस्सा.

उल्लेखनीय है कि इस संविधान संशोधन पर पिछले साल भर से विभिन्न दलों के बीच गहन वार्ताओं का दौर चल रहा था.

पाकिस्तान में चार दशकों में ये पहला मौक़ा है जब इस तरह सर्वसम्मति से कोई महत्वपूर्ण सांवैधानिक परिवर्तन हुआ हो.

महत्वपूर्ण बदलाव

राष्ट्रपति से कई महत्वूर्ण अधिकार लेकर उन्हें प्रधानमंत्री और संसद को सौंपे जाने के बाद विगत में सैनिक शासकों द्वारा किए गए बदलाव ख़त्म हो जाएँगे.

इस 18वें संविधान संशोधन विधेयक के पारित होने के बाद राष्ट्रपति जजों की नियुक्ति नहीं कर सकेंगे. यह काम अब एक न्यायिक आयोग करेगा.

राष्ट्र की कार्यकारी ताक़तें भी अब राष्ट्रपति के बदले प्रधानमंत्री और मंत्रिमंडल के हाथों में आ गई हैं.

अब सेना प्रमुख के नाम की सिफ़ारिश करने का अधिकार भी प्रधानमंत्री के पास ही होगा.

इसी तरह देश के किसी भी हिस्से में आपातकाल घोषित करने का अधिकार राष्ट्रपति के बजाय संसद के हाथों में आ गया है.

इन तमाम परिवर्तनों में राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी की भी सहमति थी. उन्होंने इसे ऐतिहासिक अवसर बताया है.

संबंधित समाचार