श्रीलंका: राजपक्षे की पार्टी को बहुमत

राजपक्षे की सत्ता पर पकड़ लगातार मज़बूत होती जा रही है

श्रीलंका में हुए संसदीय चुनावों में राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे की पार्टी को बहुमत मिला है लेकिन वह संविधान संशोधन के लिए ज़रूरी दो-तिहाई बहुमत से कुछ दूर है.

समाचार एजेंसियों के अनुसार तमिल विद्रोही संगठन एलटीटीई के ध्वस्त हो जाने के बाद पहली बार हुए संसदीय चुनावों में 225 सीटों में से सत्ताधारी यूनाइटेड पीपुल्स फ़्रीडम एलायंस को 117 सीटें मिली हैं. फ़िलहाल 45 सीटों के लिए मतों की गिनती पूरी नहीं हुई है.

ग़ौरतलब है कि सत्ताधारी पार्टी की और से चुनाव लड़े क्रिकेटर सनथ जयसूर्या क्रिकेट खेलते हुए ही संसदीय चुनाव जीतकर एक रिकॉर्ड बनाया है.

श्रीलंका के मुख्य विपक्षी दल यूनाइटेड नेशनल पार्टी को 46 सीटें मिली हैं और पूर्व सेनाध्यक्ष सरथ फोनसेका के वामपंथी रुझान वाले डेमोक्रेटिक नेशनल एलायंस को मात्र पाँच सीटें मिली हैं.

फ़ोनसेका की पार्टी की ओर से लड़े अर्जुन रणतुंगा ने बीबीसी सिनहला सेवा को बताया कि वे कालुतारा ज़िले से चुनाव जीत गए हैं.

तमिल नेशनल एलायंस को 12 सीटें मिली हैं.

श्रीलंका में गुरुवार को हुए मतदान में देश के संसदीय इतिहास में सबसे कम लगभग 50 प्रतिशत मतदान हुआ था.

राष्ट्रपति राजपक्षे का कहना था, "ये बेहतरीन जीत महिंदा चिंतन का अनुमोदन है....मैंने आपसे एक मज़बूत संसद की माँग की थी ताकि हम किसी भी चुनौती का सामना कर सकें....मैं इस अभूतपूर्व बहुमत के लिए दिल से आपका धन्यवाद करता हूँ और इससे श्रीलंका बाक़ी की दुनिया के लिए एक मिसाल बन सकेगा."

श्रीलंका के 22 चुनावी ज़िलों में से दो ज़िलों में दोबारा चुनाव हो रहा है जिसका मतलब है कि 16 नतीजे अप्रैल 19 तक आएँगे और 29 अन्य अनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के ज़रिए होगा.

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