मुसलमान और आदिवासियों में संघर्ष

आदिवासी (फ़ाइल फोटो)
Image caption आदिवासी अवैध खनन का विरोध करते रहे हैं

पश्चिम बंगाल के बीरभूम ज़िले में मुसलमानों और आदिवासियों के बीच भड़की हिंसा में कई घरों को आग लगा दी गई है.

पुलिस का कहना है कि एक मुसलमान व्यावसायी की हत्या से नाराज़ मुसलमानों ने गुरुवार की सुबह मोहम्मद बाज़ार इलाक़े के तीन जनजातीय गाँवों पर हमला कर दिया.

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि मुसलमानों की उग्र भीड़ ने तीन गाँवों में कम से कम 50 घरों में आग लगा दी.

बीरभूम के ज़िलाधिकारी सौमित्र मोहन ने बीबीसी को बताया कि पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों ने हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में फ़्लैग मार्च किया है. ताकि लोगों का भरोसा लौट सके.

हालाँकि उन्होंने स्वीकार किया कि स्थिति अब भी तनावपूर्ण बनी हुई है.

इस इलाक़े के आदिवासी एक ग़ैर सरकारी संस्था के उस अभियान से जुड़े हुए हैं, जिसके तहत इलाक़े से ग़ैर क़ानूनी रूप से पत्थरों के खनन का विरोध किया जाता है.

मतभेद

पत्थरों की खान के मालिक अधिकतर मुसलमान हैं और इन्हीं में से एक नसीर शेख़ की मंगलवार को हत्या हो गई थी. उनका स्थानीय आदिवासियों से एक खान से दोबारा खुदाई करने को लेकर मतभेद हो गया था.

स्थानीय ग़ैर सरकारी संस्था के प्रमुख कुणाल देब ने आरोप लगाया है कि खान मालिक मुसलमानों को आदिवासियों के ख़िलाफ़ भड़का रहे हैं ताकि वे अपना ग़ैर क़ानूनी काम शुरू कर सकें.

कुणाल देब ने बीबीसी के साथ बातचीत में कहा कि खान मालिक ये भी ग़लत आरोप लगा रहे हैं कि आदिवासियों को माओवादियों का समर्थन मिल रहा है.

उन्होंने कहा, "खान मालिक चाहते हैं कि पुलिस आदिवासियों को प्रताड़ित करे ताकि आदिवासी अपना अभियान वापस ले लें."

ग़ैर क़ानूनी खनन को लेकर आदिवासियों का विरोध दशकों पुराना है.

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