फिर विवाद में शोएब-सानिया

पाकिस्तान के क्रिकेटर शोएब मलिक के ख़िलाफ़ अदालत में दो याचिकाएँ दायर की गई हैं जिनमें उन पर ऊर्जा बचाने संबंधी नियमों का उल्लंघन करने के आरोप लगाए गए हैं.

एक याचिका सियालकोट के रहने वाले हसन शिराज़ ने लाहौर हाई कोर्ट में दायर की है.

इस याचिका में उन्होंने कहा कि सियालकोट में सानिया मिर्ज़ा और शोएब मलिक के रिसेप्शन के अवसर पर एक से अधिक व्यंजन परोसे गए, जबकि सरकार की ओर से शादी समारोह में केवल एक व्यंजन की ही अनुमति है.

उन्होंने अदालत से यह भी कहा है कि सरकार ने देश में बिजली के भारी संकट को देखते हुए शादी समारोह की अवधि तीन घंटे करने का आदेश दिया था जबकि शोएब और सानिया का रिसेप्शन तीन घंटों से ज़्यादा चला.

ग़ौरतलब है कि सरकार ने बिजली संकट को दूर करने के लिए कुछ दिन पहले अनेक क़दम उठाए थे, जिसके तहत सरकारी दफ्तरों में सप्ताह में दो छुट्टियां की गईं, शाम आठ बजे के बाद दवा और बेकरी की दुकानों को छोड़कर सभी दुकाने बंद रहेंगी, शादी विवाह के समारोहों की अवधि सिर्फ़ तीन घंटे होंगी और बिलबोर्ड पर कोई सजावटी बल्ब जलाने की इजाज़त नहीं होगी.

अनुरोध

याचिकाकर्ता हसन शिराज़ ने बताया कि शोएब और सानिया के रिसेप्शन के अवसर पर कई सजावटी बत्तियाँ लगी हुई थी. उन्होंने अदालत से आग्रह किया कि शोएब मलिक के ख़िलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए क्योंकि उन्होंने ऊर्जा बचाने संबंधी सरकारी नियमों का उल्लंघन किया है.

अदालत ने इस याचिका को मंज़ूर करते हुए शोएब मलिक को नोटिस जारी कर दिया है.

लाहौर की एक निचली अदालत में एक अन्य व्यक्ति सफ़दर अली ने भी याचिका दायर की जिसमें उन्होंने कहा है कि सियालकोट में शोएब मलिक और सानिया मिर्ज़ा के रिसेप्शन में उन्हें जाने नहीं दिया गया जबकि उन्होंने इस समारोह का निमंत्रण कार्ड एक व्यक्ति से 15 हज़ार रूपए में लिया था.

सफ़दर अली के अनुसार उस व्यक्ति ने अपने आपको शोएब मलिक का रिश्तेदार बताया था.

उन्होंने अदालत को बताया कि जब वे रिसेप्शन में भाग लेने के लिए वहाँ पहुँचे तो सुरक्षाबलों ने उन्हें रोका जबकि उनके पास निमंत्रण कार्ड भी था.

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