स्वात में फिर सक्रिय तालेबान

स्वात में पाकिस्तनी झंडा
Image caption तालेबान चरमपंथी के ख़िलाफ़ पाकिस्तानी सेना ने स्वात में 2009 में सैन्य अभियान किया

पाकिस्तान की स्वात घाटी में तालेबान चरमपंथियों ने स्थानीय नेताओं को निशाना बना कर फिर से मारना शुरू कर दिया है.

पाकिस्तान के अधिकारियों ने बताया है कि स्वात घाटी में तालेबान की ओर से कई चरमपंथी हमले हुए हैं.

याद रहे कि पाकिस्तानी सेना ने तालेबान के ख़िलाफ़ 2009 के अपने सैन्य अभियान के बाद स्वात घाटी को चरमपंथियों से मुक्त क्षेत्र क़रार दिया था.

पाकिस्तानी सेना के एक प्रवक्ता ने कहा है कि पिछले 10 दिनों में हुए हमलों में तीन लोग मारे गए हैं. स्थानीय पत्रकारों का कहना है कि पिछले 15 दिनों में सात लोग मारे गए हैं.

यह इलाक़ा 2007 से पूरी तरह से तालेबान चरमपंथियों के नियंत्रण में रहा है और 2009 से उन्होंने पूरे सूबा सरहद पर अपना नियंत्रण स्थापित करना शुरू कर दिया था और इसी बात ने पाकिस्तानी सेना को उनके विरुद्ध अभियान करने के लिए विवश कर दिया था.

स्वात में पाकिस्तानी फ़ौज के जनसंपर्क अध्यक्ष कर्नल अख़्तर अब्बास ने बीबीसी को बताया, "टार्गेट किलिंग की तीन घटनाएं हुई हैं. लेकिन इसका अर्थ किसी स्थिति में ये नहीं है कि तालेबान स्वात घाटी में किसी प्रकार फिर से संगठित होकर वापसी कर सकते हैं."

उन मृतकों में से कुछ लोग एक स्थानीय शांति कमेटी के सदस्य थे जिसे सेना का सहयोग हासिल है.

दूसरा रुख़

कर्नल अब्बास ने कहा कि जो चरमपंथी इन हमलों में शामिल थे उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई की गई है.

उन्होंने कहा, "हम लोगों ने एक सूचना के आधार पर सैनिक अभियान किया और उनमें से चार लोगों को मौत के घाट उतार दिया."

बहरहाल, इस मामले में तस्वीर का दूसरा रुख़ भी मौजूद है.

जब बीबीसी के संवाददाताओं ने घटना स्थल का दौरा किया तो बहुत से स्थानीय लोगों ने बताया कि काफ़ी देर तक जारी रहने वाली इस झड़प में कम से कम एक चरमपंथी भागने में कामयाब हो गया.

उन्होंने कहा कि सेना के ज़रिए दी जाने वाली सुरक्षा के बारे में उनमें आशंका पाई जाती है.

ख़ालिद नामक एक रेस्तराँ चलाने वाले स्थानीय व्यक्ति ने कहा, "हालात में बेहतरी नहीं आई है और कारोबार अच्छे नहीं चल रहे हैं. ऐसे में हम ये सोच भी नहीं सकते कि सैलानी यहां आएंगे."

उन्होंने कहा, "हालात किस तरह से बेहतर हो सकते हैं जब कि अभी भी आत्मघाती हमले होते हैं और आए दिन लोग मारे जाते हैं."

लेकिन इन सबके बावजूद जूलाई 2009 में ख़त्म हुए सैनिक अभियान के बाद से स्वात के हालात में काफ़ी हद तक बेहतरी आई है.

होटल और दूसरे कारोबार धीरे-धीरे फिर से खुलने शुरू हो गए हैं. लेकिन हाल में हुई घटनाओं के नतीजे में यहां अभी भी ख़ौफ़ और अनिश्चितता पाई जाती है.

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