फ़ैसले का आकलन कर रहे हैं: पाक

घायल कसाब
Image caption कसाब ने सभी हमलावरों के पाकिस्तानी नागरिक होने की बात अदालत में स्वीकार की थी

मुंबई हमलों के अभियुक्त और पाकिस्तानी नागरिक अजमल आमिर कसाब को फांसी की सज़ा दिए जाने पर पहली प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पाकिस्तान ने कहा है कि अभियुक्तों को न्याय के कटघरे में लाना बहुत ही महत्वपूर्ण बात है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल बासित ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पत्रकारों से कहा, “अजमल आमिर कसाब की सज़ा का फ़ैसला हमने मीडिया पर देखा है और पाकिस्तान के क़ानूनी विशेषज्ञ इसका आकलन कर रहे हैं.”

अब्दुल बासित ने कहा, “पाकिस्तान ने पहले ही मुंबई हमलों की निंदा की थी और पाकिस्तान आतंकवाद का कड़ा विरोध करता है चाहे वह किसी भी प्रकार का आतंकवाद हो.”

ग़ौरतलब है कि नवंबर, 2008 में मुंबई में हुए चरमपंथी हमलों में कसाब एकमात्र जीवित अभियुक्त है.

उनके नौ और साथियों की हमलों के दौरान हुए मुठभेड़ में मौत हो गई थी.

अदालत ने तीन मई को जब कसाब और अन्य लोगों को दोषी ठहराया था तो पाकिस्तान में इसकी तीखी प्रतिक्रिया हुई थी.

तनाव की वजह

भारत का कहना था कि ये सभी हमलावर पाकिस्तानी थे लेकिन पाकिस्तान ने ना-नुकुर के बाद सिर्फ़ कसाब को अपना नागरिक स्वीकार किया.

शेष नौ हमलावरों के शव आख़िर में भारत में ही दफ़नाए गए.

भारत मुंबई हमलों के लिए पाकिस्तान स्थित चरमपंथी संगठन लश्कर-ए-तैबा को ज़िम्मेदार ठहराता है.

उसकी माँग रही है कि हाफ़िज़ सईद और ज़की-उर-रहमान सहित सभी ज़िम्मेदार लोगों को सज़ा दे.

अदालत ने कसाब को दोषी ठहराते हुए कहा था कि हाफिज़ सईद, ज़की-उर-रहमान लखवी सहित 20 के क़रीब लोगों ने मुंबई हमलों की योजना बनाई और हमलावरों की मदद की.

मुंबई हमला और दोषी लोगों को सज़ा दिए जाने का मामला दोनों देशों के बीच तनाव की वजह रहा है.

मुंबई हमलों के बाद से दोनों देशों के बीच शांति प्रक्रिया स्थगित कर दी गई थी और इसे आज तक शुरु नहीं किया जा सका है.

हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि पिछले हफ़्ते थिम्पू में हुए सार्क के सम्मेलन में दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच हुई मुलाक़ात में बर्फ़ कुछ पिघलती दिखाई दी है.

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