तालिबान की पाक सेना को चेतावनी

तालेबान
Image caption तालिबान के बयान पर सेना ने अब तक कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की है

पाकिस्तान के क़बायली इलाक़े उत्तरी वज़ीरिस्तान में चरमपंथियों ने सेना से कहा है कि वो इलाक़े में अपनी गतिविधियां सीमित करे.

चरमपंथियों ने सेना की गतिविधियों पर 12 घंटों तक प्रतिबंध लगा दिया है.

स्थानीय तालिबान की ओर से मीडिया को भेजे गए वक्तव्य में कहा गया है कि 11 मई की सुबह सात बजे से शाम साते बजे तक सेना और अर्धसैनिकबलों की गतिविधियों के लिए कर्फ्यू लागू रहेगा.

बयान में धमकी देते हुए कहा गया है, “इस दौरान कोई भी सैन्य वाहन या सैनिक सड़क या किसी भी चेकपोस्ट पर नहीं रहे. अगर किसी ने इसका उल्लंघन किया तो उसकी सज़ा मौत होगी.”

तालिबान विद्रोहियों का यह बयान पिछले दिनों वज़ीरिस्तान में गिए गए एक पम्फलेट के विरोध में देखा जा रहा है जिसमें स्थानीय लोगों को कहा गया था कि यदि किसी ने चरमपंथियों का साथ दिया तो उसके गंभीर परिणाम होंगे.

चेतावनी

बताया जा रहा है कि वो पम्फलेट सेना की ओर से विमानों के ज़रिए गिराया गया था लेकिन सेना ने इसका खंडन किया है.

तालेबान की ओर से यह कथित प्रतिबंध ऐसे समय लगाया गया है जब उत्तरी वज़ीरिस्तान अमरीकी ड्रोन विमानों के हमलों का निशाना बना हुआ है.

न्यूयॉर्क में नाकाम बम हमले के बाद इस इलाक़े में ड्रोन हमलों में वृद्धि की आशंका जताई जा रही है.

तालिबान ने अपने बयान में सेना से यह भी कहा है कि ये वज़ीरिस्तान का इलाक़ा है और ये स्वात नहीं है और यहाँ हर व्यक्ति के पास हथियार है.

तालेबान के इस बयान पर सेना की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

जानकार मानते हैं कि तालिबान ने यह प्रतिबंध लगाकर इलाक़े में सुरक्षाबलों की गतिविधियों को सीमित करने की कोशिश की है.

न्यूयॉर्क नाकाम हमले के बाद पाकिस्तान पर अमरीका का दबाव बढ़ गया है कि चरमपंथियों के ख़ात्मे के लिए वो उत्तर वज़ीरिस्तान में भी कार्रवाई करे.

लेकिन अब तक पाकिस्तानी सेना ने उत्तर वज़ीरिस्तान में किसी तुरंत कार्रवाई करने के संकेत नहीं दिए हैं.

पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल अतहर अब्बास पहले यह कह चुके हैं कि सेना एक साल तक कोई नया मोर्चा खोलने की स्थिति में नहीं है.

इस संदर्भ में सेना अध्यक्ष जनरल अशफाक़ परवेज़ कियानी का भी बयान सामने आ चुका है कि ज़रूरी नहीं है कि दक्षिण वज़ीरिस्तान की तरह उत्तर वज़ीरिस्तान में भी सैन्य अभियान चलाया जाए.

संबंधित समाचार