इस साल अफ़ीम की फ़सल प्रभावित

अफ़ीम की फ़सल
Image caption कुछ स्थानीय किसान इसके पीछे नैटो सैनिकों का हाथ मान रहे हैं

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार अफ़ग़ानिस्तान में अफ़ीम की फ़सल को एक गंभीर बीमारी लग गई है और इस साल पैदावार लगभग 25 प्रतिशत घट सकती है. विश्व में अफ़ीम की पैदावार का लगभग 92 प्रतिशत अफ़ग़ानिस्तान से आता है.

संयुक्त राष्ट्र के अपराध और ड्रग कार्यालय के प्रमुख अंतोनियो मारिया कोस्टा ने बीबीसी को बताया, "अफ़ग़ानिस्तान में अफ़ीम की फ़सल पर फफूंद (फंगस) की बीमारी लग गई है. इससे देश में अफ़ीम की आधी से अधिक फ़सल प्रभावित हो गई है और पिछले साल की तुलना में इस साल अफ़ीम की पैदावार में एक चौथाई की कमी आ सकती है."

किसानों की चिंता अलग

कोस्टा ने कहा कि इससे इलाके में अफ़ीम की कीमतों में 50 फ़ीसद तक का उछाल आ सकता है.

कोस्टा ने कहा कि फफूंद से हेलमंद और कंधार प्रात में अफ़ीम की फ़सल सबसे अधिक प्रभावित हुई है. इस इलाक़े में ही अफ़ीम की सबसे अधिक खेती होती है और वहाँ तालेबान की पकड़ भी मज़बूत है.

उन्होंने कहा कि इसका असर तालेबान जैसे चरमपंथी संगठनों को मिलने वाले पैसों पर भी पड़ेगा. तालेबान के पास अफ़ीम का बड़ा भंडार है.

संयुक्त राष्ट्र के इस अधिकारी ने कहा कि कुछ स्थानीय किसानों का मानना है कि इसके पीछे नैटो के सैनिकों का हाथ है. लेकिन कोस्टा का ये भी कहना था कि इस तरह की फफूंद कुछ साल बाद ख़ुद ही पैदा हो जाती है.

कोस्टा ने बीबीसी को बताया, ''मैं इस तरह की बातों के पीछे कोई कारण नहीं देखता हूँ. अफ़ग़ानिस्तान में अफ़ीम की फ़सल समय-समय पर ख़राब होती रहती है.'' उन्होंने कहा कि कुछ साल पहले भी इसी तरह की स्थिति पैदा हुई थी.

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