'मुंबई हमले से जुड़े मसले पर पाकिस्तान गंभीर हो'

भारत के गृह मंत्री पी चिदंबरम ने शुक्रवार को पाकिस्तान के गृह मंत्री रहमान मलिक और विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी से इस्लामाबाद में अहम मुलाक़ात की. शनिवार को सार्क देशों के गृह मंत्रियों की बैठक है.

बताया जा रहा है कि चिदंबरम ने जमात-उल-दावा के प्रमुख हाफिज़ सईद और 26/11 से जुड़े लोगों के ख़िलाफ़ तुरंत क़दम उठाने के लिए कहा. इनमें वो लोग भी शामिल हैं जिनके बारे में कहा जाता है कि वे पाकिस्तानी सेना से जुड़े हुए हैं.

रहमान मलिक ने पत्रकारों को बताया कि दोनों गृह मंत्रियों की मुलाक़ात बहुत अच्छे माहौल में हुई और दोनों चरमपंथ के ख़ात्मे के लिए वचनबद्ध हैं.

पाकिस्तान का दौरा करने वाले चिदंबरम पिछले तीन दशकों में पहले भारतीय गृह मंत्री हैं. चिदंबरम ने आंतरिक मंत्रालय में रहमान मलिक से मुलाक़ात की जहाँ उन्हें गार्ड ऑफ़ ऑनर दिया गया और रेड कार्पेट पर उनका स्वागत हुआ.

रहमान मलिक स्वयं रावलपिंडी के हवाई अड्डे गए और चिदंबरम का स्वागत किया. वे सार्क देशों के गृह मंत्रियों की बैठक के लिए पाकिस्तान आए हैं.

'समय आ गया है'

रिपोर्टों के मुताबिक चिदंबरम ने रहमान मलिक से कहा है कि मुंबई हमलों से जुड़े मामलों पर पाकिस्तान उसी गंभीरता से काम करे.

पीटीआई के अनुसार भारतीय गृह मंत्री ने मुंबई हमलों से जुड़े पाकिस्तानी लोगों के आवाज़ों के नमूने भी माँगे. इसके अलावा जम्मू-कश्मीर सीमा पर घुसपैठ पर भी चर्चा हुई.

विशेष एयरक्राफ़्ट में चिदंबरम के साथ आए पत्रकारों से बातचीत में भारतीय गृह मंत्री ने कहा, “मैं ऐसा कुछ नहीं कहूँगा जिससे सार्क बैठक पर असर पड़े क्योंकि इस्लामाबाद आने का मूल मकसद सार्क बैठक है. मैं पाकिस्तान से विनम्रतापूर्वक ज़ोर देकर कहूँगा कि मुंबई हमलों से जुड़े मसलों को सुलझाने का समय आ गया है.”

रहमान मलिक से मुलाक़ात के बाद चिदंबरम ने पाकिस्तानी विदेश मंत्री से भी मुलाक़ात की.

जब पी चिदंबरम से पूछा गया कि क्या मुंबई हमलों में पाकिस्तानी सेना के लोग भी शामिल थे तो उन्होंने कहा, “अगर आप उन दस्तावेज़ों का हवाला दे रहे हैं जो भारत ने पाकिस्तान को दिए थे तो आप सही हैं. पर मुझे ये नहीं पता कि वे असली नाम हैं या फ़र्ज़ी नाम.”

ये पूछे जाने पर क्या मुंबई हमलों से जुड़े लोगों में पाकिस्तानी सेना के दो मेजरों का हाथ था तो चिदंबरम ने कहा कि दस्तावेज़ तो यही कहते हैं.

चिदंबरम का कहना था कि वे हेडली मामले को प्रत्यक्ष तौर पर नहीं उठाएँगे.

वहीं रहमान मलिक ने कहा कि दस्तावेज़ों के आदान-प्रदान के बजाय दोनों देशों को ‘दिलों का आदान-प्रदान’ करना चाहिए.

अपने पाकिस्तान दौरे से पहले पी चिदंबरम ने गुजरात के जेलों में बंद चार पाकिस्तानी नागरिकों को रिहा करने का आदेश दिया था.

मुंबई हमलों के बाद भारत के किसी भी मंत्री की ये पहली पाकिस्तान यात्रा है.

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