पाक सभी मुद्दों का शांतिपूर्वक हल चाहता है: गिलानी

भारत और पाकिस्तान के झंडे
Image caption अमरीकी सांसदों से मुलाकात के दौरान पाक प्रधानमंत्री ने भारत-पाक रिश्तों का ज़िक्र किया

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने कहा है कि कश्मीर और पानी के मसले समेत पाकिस्तान भारत के साथ सभी विवादित मुद्दों का शांतिपूर्वक हल चाहते है ताकि वह अपनी पश्चिमी सीमा पर ध्यान केंद्रित कर सके.

समाचार एजेंसियों के अनुसार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को अमरीकी सीनेटर्स के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ इस्लामाबाद में मुलाक़ात के दौरान ये बात कही है.

ग़ौरतलब है कि 15 जुलाई को भारत-पाक बातचीत के तहत भारत के विदेश मंत्री एसएम कृष्णा पाकिस्तान की यात्रा पर जाने वाले हैं.

समाचार एजेंसियों के मुताबिक पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने कहा है कि भारत के साथ बातचीत पर पाकिस्तान का रुख़ सकारात्मक रहेगा ताकि सभी द्विपक्षीय मुद्दों का हल खोजा जा सके.

'चरमपंथी सहानुभूति जीतेंगे'

अमरीकी सीनेट की सीनेट आर्म्ड सर्विसेस कमेटी के चयरमैन कार्ल लेविन और कमेटी के सदस्य सीनेटर जैक रीड के साथ मुलाक़ात के दौरान प्रधानमंत्री गिलानी ने पाकिस्तान और अमरीका के बीच भरोसे को बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास करने की बात भी कही.

प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी का कहना था, "पाकिस्तान भारत के साथ अच्छे संबंध चाहता है. पाकिस्तान चाहता है कि दोनों देशों के बीच कश्मीर और पानी के मसले समेत सभी विवादित मुद्दों का शांतिपूर्वक हल खोजा जाए ताकि पाकिस्तान अपनी पश्चिमी सीमा पर आतंकवाद का सफ़ाया करने पर ध्यान केंद्रित कर सके."

उनका कहना था कि अफ़ग़ानिस्तान में शांति और स्थिरता उनकी सरकार के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि ये पाकिस्तान में शांति और स्थिरता से जुड़े हुए हैं.

प्रधानमंत्री गिलानी ने कहा, "यदि हम समय रहते चरमपंथ के कारणों का कारगर हल खोजने में असफल रहते हैं तो पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान के प्रभावित इलाक़ों में लोगों की सहानुभूति जीतकर चरमपंथी हमारे संयुक्त मक़सद पर असर डाल सकते हैं."

ग़ौरतलब है कि गिलानी ने ये भी कहा कि अमरीका को इस क्षेत्र के देशों की ओर न्यायसंगत और बिना भेदभाव के रुख़ को अपनाना चाहिए क्योंकि 'पाकिस्तानी सेनाएँ (चरमपंथ के ख़िलाफ़) जंग में अभूतपूर्व बलिदान दे रही हैं.'

संबंधित समाचार