पाकिस्तान के लिए परियोजनाएं

हिलेरी और गिलानी
Image caption हिलेरी क्लिटंन पाकिस्तान में कई वरिष्ठ अधिकारियों से बैठकें कर रही हैं

अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिटंन पाकिस्तान के लिए पांच अरब डॉलर की सहायता परियोजनाओं की घोषणा की है.

पिछले साल अमरीकी कांग्रेस ने पाकिस्तान के लिए अरबों डॉलर का पैकेज मंजूर किया था.

पांच साल के लिए हुए इस समझौते में दो पनबिजली बांध और अक्षय ऊर्जा से जुड़ी परियोजना शामिल है.

हिलेरी का कहना था अमरीका यह दिखाना चाहता है कि उसे सिर्फ़ चरमपंथियों के ख़िलाफ़ लड़ाई में पाकिस्तान के समर्थन नही चाहिए बल्कि उसे आम पाकिस्तानियों की चिंता भी है.

उन्होंने कहा, ''हमें पता है कि कई पाकिस्तानी ये समझते हैं कि अमरीका और पाकिस्तान की साझेदारी सिर्फ़ सुरक्षा पर शुरु होती है और वहीं ख़त्म हो जाती है. ''

हिलेरी का कहना था कि वो चाहती हैं कि आम पाकिस्तानी के जीवन स्तर में सुधार हो और वार्ताओं के ज़रिए यही करने की कोशिश हो रही है.

दो पनबिजली ऊर्जा के लिए बनाए जाने वाले बांधों के अलवा हिलेरी ने पीने के पानी, सिंचाई परियोजनाओं और स्वास्थ्य केंद्रों के लिए कोष की भी घोषणा की.

हिलेरी के साथ यात्रा कर रही बीबीसी संवाददाता किम घटास का कहना है कि अमरीका इस मदद के एवज में चाहता है कि पाकिस्तान चरमपंथियों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई करे.

हिलेरी ने बीबीसी को बताया कि उन्हें हमेशा यह चिंता सताती है कि पाकिस्तान से अमरीका के ख़िलाफ़ कभी भी हमला हो सकता है और अगर ऐसा हुआ तो यह अमरीका और पाकिस्तान के रिश्तों पर अत्यंत बुरा प्रभाव डालेगा.

इससे पहले हिलेरी ने कहा था कि अमरीका का एक प्रमुख उद्देश्य अफ़गानिस्तान और पाकिस्तान के बीच वर्षों से चले आ रहे ऐतिहासिक अविश्वास की भावना को कम करना है.

संवाददाताओं का कहना है कि अमरीका की यह मदद पाकिस्तान में अमरीका विरोधी भावनाओं को कम करने के प्रयासों का हिस्सा है.

उल्लेखनीय है कि रविवार को ही अफ़गानिस्तान और पाकिस्तान के बीच एक अहम व्यापार समझौता हुआ है जिसके तहत अफ़गान ट्रक पाकिस्तान के रास्ते भारतीय बाज़ारों में सामान ला सकेंगे.

भौगोलिक रूप से कई देशों की सीमाओं के बीच में क़ैद अफ़गानिस्तान को इस समझौते के तहत पाकिस्तानी बंदरगाहों के इस्तेमाल की भी छूट होगी जिससे वो दुनिया के अन्य देशों के साथ व्यापार कर सकें.

अफ़गानिस्तान में मंगलवार से शुरु हो रहे सम्मेलन के मद्देनज़र इस क़दम को महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इस सम्मेलन में हिलेरी अमरीका का प्रतिनिधित्व करेंगी जबकि इसमें अन्य देशों के अलावा भारत और पाकिस्तान के विदेश मंत्री भी हिस्सा लेने वाले हैं.

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