पाँच तालिबान से प्रतिबंध हटा

बान की मून के साथ हामिद करज़ई
Image caption करज़ई तालिबान के साथ बातचीत करके उनके पुनर्वास की योजना पर काम कर रहे हैं

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने तालिबान के पाँच सदस्यों का नाम प्रतिबंधित लोगों की कालीसूची से हटा लिया है.

जिन लोगों के नाम सूची से हटाए गए हैं उनमें संयुक्त राष्ट्र में तालिबान के पूर्व दूत अब्दुल हाकिम मुजाहिद मोहम्मद अवरंग और 'माइ लाइफ़ विद तालिबान' के लेखक सलाम ज़ईफ़ शामिल हैं.

इसके अलावा इस सूची में पूर्व स्वास्थ्य उपमंत्री अब्दुल सतार पक्तिन और दो ऐसे अधिकारी हैं जिनकी मृत्यु हो चुकी है.

अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई ऐसा करने की मांग करते रहे हैं जिससे कि विद्रोही नेताओं के साथ बातचीत का रास्ता आसान हो सके.

सुरक्षा परिषद ने प्रतिबंधितों की सूची की समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया है.

संयुक्त राष्ट्र की इस सूची में अलक़ायदा और तालिबान से जुड़े पाँच सौ व्यक्तियों और संस्थाओं के नाम हैं.जो नाम इस सूची में हैं उनकी संपत्ति सील कर दी गई है और इसमें शामिल व्यक्तियों पर यात्रा-प्रतिबंध हैं.

अफ़ग़ानिस्तान सरकार कई तालिबान के नाम इस सूची से हटाने के लिए दबाव बना रही थी.

हालांकि अधिकारियों का कहना है कि शुक्रवार को जिन लोगों के नाम सूची से हटाने का निर्णय लिया गया है उसका अनुरोध पाँच वर्ष पूर्व किया गया था.

रूस की चिंता

Image caption दुनिया में सबसे अधिक अफ़ीम अफ़ग़ानिस्तान में पैदा होती है

प्रतिबंधित सूची से कोई नाम हटाने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से सभी 15 सदस्यों की मंज़ूरी चाहिए होती है.

राजनयिकों का कहना है कि तालिबान के सदस्यों के नाम सूची से हटाए जाने पर रूस को ऐतराज़ था.

रूस की चिंता है कि तालेबान एक तो नशीली दवाओं की तस्करी से जुड़े हुए हैं दूसरे उनके संबंध चेचन्या के इस्लामिक चरमपंथियों से हैं.

सूची से नाम हटाने के लिए यह सबूत पेश करना था कि जिन लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं वे हिंसा छोड़ चुके हैं, उनका अल-क़ायदा से कोई रिश्ता नहीं है और वे अफ़ग़ानिस्तान के संविधान पर आस्था रखते हैं.

राजनयिकों का कहना है कि आने वाले हफ़्तों और महीनों में कुछ और तालिबान सदस्यों के नाम कालीसूची से हटाए जा सकते हैं.

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