स्थिति गंभीर, पाक ने मदद की गुहार लगाई

Image caption संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि पाकिस्तान को फ़ौरन करोड़ों डॉलर के राहत की ज़रूरत है.

भारी बारिश और भूस्खलन से स्वात घाटी पाकिस्तान के अन्य हिस्सों से कट गई है. उत्तरी हिस्से में दो गांव दब गए हैं और 28 लोग मारे गए हैं.

सड़क या हेलीकॉप्टर के ज़रिए बाढ़ में फंसे लोगों तक राहत पहुंचना असंभव हो गया है.

संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि पाकिस्तान को फ़ौरन करोड़ों डॉलर की आपात मदद की ज़रूरत है और पुनर्निर्माण के लिए अरबों डॉलर की ज़रूरत होगी.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने कहा है कि देश सालों पीछे चला गया है.

सिंध का दौरा कर रहे गिलानी ने कहा, “सरकार जो कर सकती थी वो किया लेकिन अब ये हमारी क्षमता से परे है. हम बेहद कठिन परिस्थिति का सामना कर रहे हैं.”

ब्रिटेन से आई राहत सामग्री की पहली खेप लोगों में बांट दी गई है लेकिन लाखों लोग अभी भी राहत के इंतज़ार में हैं.

अमरीका ने अफ़गानिस्तान में तैनात अपने कई हेलीकॉप्टरों और सैनिकों को पाकिस्तान में राहत कार्य के लिए भेज दिया है.

गंभीर स्थिति

पिछले 80 सालों की ये सबसे भीषण बाढ़ है और इसमें कम से कम 1600 लोग मारे जा चुके हैं. एक करोड़ चालीस लाख लोग इससे प्रभावित हुए हैं.

गिलगिट-बाल्टिस्तान इलाके में चट्टानों और कीचड़ के नीचे दबे दो गांवों से अधिकारी देर तक शवों को निकालने में जुटे थे.

स्थानीय मीडिया के अनुसार एक अन्य बाढ़ संबंधित घटना में 14 लोगों की मौत हो गई जब दीर इलाके में बाढ़ का पानी उनकी बस को बहा ले गया.

ज़्यादातर मौतें उत्तरी इलाकों में हुई हैं लेकिन लगातार हो रही बारिश की वजह से अब दक्षिणी क्षेत्र में भी रेड अलर्ट घोषित कर दिया गया है.

दक्षिणी सिंध में एक बांध पहले ही टूट गया है और इंजीनियरों का कहना है कि दुनिया के सबसे बड़े बांधों में गिने जानेवाले—तरबेला और मंगला बांध—में भी पानी अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है जिसे स्थिति काफ़ी ख़तरनाक हो गई है.

पाकिस्तान के मौसम विभाग ने कहा है कि सिंध में कम से कम दो दिनों तक और बारिश होती रहेगी और वहां भी बाढ़ का गंभीर ख़तरा है.

एपी समाचार एजेंसी का कहना है कि आम ज़रूरत की चीज़ों की कीमत आसमान छू रही है.

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