सात अमरीकी सैनिक मारे गए

अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी सैनिक
Image caption अफ़ग़ानिस्तान में 2001 से अब तक 1200 अमरीकी सैनिक मारे जा चुके हैं

दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान में दो बम हमलों में सात अमरीकी सैनिकों की मौत हुई है.

नैटो के नेतृत्व वाली इंटरनेशनल सेक्युरिटी असिस्टेंस फ़ोर्स (आईसैफ़) की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि पाँच सैनिकों की मौत सड़क के किनारे एक बम के फटने से हुई जबकि दो सैनिकों की मौत एक अन्य बम विस्फोट में हुई.

अफ़ग़ानिस्तान में पिछले तीन दिनों में 14 अमरीकी सैनिकों की मौत हो चुकी है.

कंधार में प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सोमवार को दोपहर को अमरीकी सेना की एक गाड़ी विस्फोट के चपेट में आ गई.

उधर पुलिस प्रवक्ता के अनुसार नंगरहार प्रांत के लालपुर ज़िले के गवर्नर की एक कार बम फटने से मौत हो गई है. उन्हें सोमवार को जलालाबाद में निशाना बनाया गया.

प्रवक्ता का कहना है कि गाड़ी में बम लगा दिया गया था और जब यह एक सरकारी परिसर से गुज़र रही थी तब उसमें विस्फोट हुआ.

गवर्नर सैयद मोहम्मद पालवान प्रांतीय सुरक्षा अधिकारियों और राजनीतिज्ञों की एक बैठक में हिस्सा लेने के लिए जा रहे थे.

सैनिकों की वापसी

अमरीका ने पिछले दिसंबर को 30 हज़ार अतिरिक्त सैनिकों को अफ़ग़ानिस्तान भेजा था जिससे कि तालिबान से निपटा जा सके.

इस समय अफ़ग़ानिस्तान में एक लाख 20 हज़ार विदेशी सैनिक हैं जिसमें से अमरीकी सैनिकों की संख्या एक लाख है.

इनमें से ज़्यादातर देश के दक्षिणी और पूर्वी हिस्से में तैनात हैं जहाँ तालिबान बहुत ताक़तवर हैं.

नैटो के नेतृत्व में विदेशी फ़ौजें अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान से संघर्ष कर रही हैं, जबकि पिछले कुछ सालों में तालिबान फिर से ताक़तवर हुए हैं.

लेकिन अब अमरीका ने घोषणा कर दी है कि वर्ष 2011 से अमरीकी फ़ौजों की वापसी शुरु हो जाएगी.

एक अमरीकी जनरल ने कहा है कि इस घोषणा से तालिबान के हौसले बढ़े हुए हैं.

हाल के हमले जनरल के इस बयान के बाद ही हुए हैं.

वर्ष 2001 में तालिबान सरकार के पतन के बाद से वहाँ अब तक 1200 अमरीकी सैनिकों की मौत हो चुकी है.

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