अफ़ग़ानिस्तान में भूकंप, भारत में भी तेज़ झटके

हिंदुकुश के पहाड़
Image caption पृथ्वी की प्लेटों में होने वाली हलचल की वजह से भूकंप आता है

शुक्रवार को आधी रात के बाद अफ़ग़ानिस्तान के हिंदुकुश में 6.3 तीव्रता का भूकंप आया है.

समाचार एजेंसियों ने अमरीकी भूवैज्ञानिक केंद्र के हवाले से कहा है कि इसका केंद्र काबुल से 265 किलोमीटर उत्तरपूर्व में सतह से 200 किलोमीटर भीतर था.

भारतीय समय के अनुसार रात 12.51 पर भूकंप के तेज़ झटके अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल में, पाकिस्तान के इस्लामाबाद, लाहौर, पेशावर में और भारत में कश्मीर से लेकर दिल्ली तक उत्तर भारत के कई शहरों में महसूस किए गए.

इन शहरों में काफ़ी देर तक कंपन होता रहा.

अभी तक जान माल के नुक़सान की कोई ख़बर नहीं मिली है.

नुक़सान की ख़बर नहीं

भारत प्रशासित कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में आपदा प्रबंधन केंद्र के अधिकारी आमिर अली ने बीबीसी को बताया कि भूकंप का केंद्र हिंदुकुश के पहाड़ों में था.

चूंकि यह कश्मीर से बहुत दूर नहीं हैं इसलिए यहाँ तेज़ झटके महसूस हुए.

उनका कहना है कि झटका इतना तेज़ था कि इससे हिंदुकुश के इलाक़े में नुक़सान भी हो सकता है.

उन्होंने बताया कि कश्मीर के इलाक़े में सभी एजेंसियों को सतर्क कर दिया गया है लेकिन अभी तक कहीं से जानमाल के नुक़सान की ख़बरें नहीं मिली हैं.

आमिर अली का कहना है कि इसका असर भारत प्रशासित कश्मीर और पाकिस्तानी कश्मीर दोनों जगह दिख सकता है.

पहाड़ी इलाक़ों से भरा अफ़ग़ानिस्तान भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में आता है. ख़ासकर उत्तर-पूर्व का वह इलाक़ा जहाँ अभी भूकंप का केंद्र था.

इससे पहले अप्रैल, 2009 में पूर्वी अफ़ग़ानिस्तान में आए भूकंप से बहुत से लोगों की मौत हुई थी.

वर्ष 2002 में हिंदुकुश के पहाड़ों में ही बग़लान प्रांत में आए भूकंप में कम से कम 1500 लोग मार गए थे.

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