पाक के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया

शाह महमूद क़ुरैशी
Image caption कश्मीर पर पाकिस्तान के बयानों पर पहले भी भारत ने आपत्ति दर्ज की है

भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि जम्मू कश्मीर के मामले पर पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के बयान को भारत सिरे से ख़ारिज करता है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है, "जम्मू कश्मीर पर पाकिस्तान के अनावश्यक बयान को भारत दृढ़ता से खारिज करता है और इसे भारत के अंदरूनी मामलों में पाकिस्तान का दखल मानता है."

उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने कहा था कि भारत को कश्मीर की समस्या का हल संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव और कश्मीरियों की इच्छाओं के अनुरुप तलाश करना चाहिए.

भारत का जवाब

Image caption पिछले जून से भारत प्रशासित कश्मीर में हिंसक प्रदर्शनों का दौर चल रहा है

प्रवक्ता ने अपने बयान में कहा है कि नियंत्रण रेखा के पार से घुसपैठ के ख़िलाफ़ पाकिस्तान को ठोस और कारगर क़दम उठाने चाहिए और अपने अधिकार क्षेत्र की ज़मीन पर मौजूद आतंकवाद की संरचना को ध्वस्त करना चाहिए.

भारत के विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि जम्मू कश्मीर के उन लोगों की कल्याणकारी सहायता में ये पाकिस्तान की ओर से एक महत्त्वपूर्ण योगदान होगा जो नियंत्रण रेखा के पार से चलाए जा रहे आतंकवाद के परिणाम भुगत रहे हैं.

बयान में कहा गया है कि प्रजातंत्र देश के रुप में भारत के पास पर्याप्त तंत्र और संवैधानिक इंतज़ाम हैं जिसके तहत देश के किसी भी भाग से किसी भी नागरिक के उठाए मुद्दे का जवाब दिया जा सकता है.

प्रवक्ता ने कहा कि भारत पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय मामलों पर पैदा हुए मुद्दों को आपसी बातचात से हल करने के प्रति अपनी कटिबद्धता को दोहराता है.

लेकिन पाकिस्तान को चाहिए कि वो अपनी इस वचनबद्धता पर क़ायम रहे कि वो भारत के ख़िलाफ़ अपनी ज़मीन से किसी भी प्रकार की आतंकवादी गतिविधि को नहीं चलने देगा. ये पाकिस्तान और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के हक़ में होगा.

क़ुरैशी की सलाह

इससे पहले पाकिस्तान की ओर से कहा गया था कि वह भारत के साथ समग्र वार्ता प्रक्रिया को आगे बढ़ाना चाहता है. उसका कहना था कि वह कश्मीर सहित सभी मुद्दों पर रचनात्मक, टिकाऊ और परिणाम निकलने वाली बातचीत चाहता है.

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने कहा, "पाकिस्तान इस बात पर प्रतिबद्ध है कि कश्मीर की समस्या का हल संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव और कश्मीरी लोगों की इच्छाओं के अनुरुप तलाश किया जाना चाहिए."

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि 'पाकिस्तान हमेशा कश्मीरियों और उनकी न्यायसंगत मांगों के साथ' है. भारत को संयम बरतने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा, "कश्मीर में मानवाधिकारों का खुला और योजनाबद्ध हनन बंद होना चाहिए. "

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