नैटो हमले में 30 तालिबान मरे

नैटो सैनिक

अफ़ग़ानिस्तान में नैटो के नेतृत्व में तालेबान और अलक़ायदा के ख़िलाफ़ जंग जारी है.

अफ़ग़ानिस्तान में नैटो सैनिकों ने कम से कम 30 तालिबान को मारने का दावा किया है.

उनका कहना है कि ये तालिबान रात के अंधेरे का फ़ायदा उठा कर उनकी एक सैन्य चौकी को उड़ाने की कोशिश में थे.

ये हमला आधी रात को पाकिस्तान की सीमा से लगने वाले पकतिया सूबे में हुआ.

उनका कहना है कि ये हमला इतना सख़्त था कि सैन्य चौकी पर तैनात फ़ौजियों को इस हमले के मुक़ाबले के लिए हवाई हमले की मदद लेने पड़ी.

कहा जाता है कि इस इलाक़े में सबसे ज़्यादा अमरीकी सैनिक मौजूद है.

हमला

आम तौर पर ये सैन्य चौकियां काफ़ी छोटी होती हैं और दूर दराज़ इलाक़ों में होती हैं इसलिए उन पर योजनाबद्ध तरीक़े से रॉकेटों और मोर्टारों से हमले होते रहते हैं

बीबीसी संवाददाता

अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और सहायता बल ने कहा कि इस हमले में कोई भी नैटो सैनिक नहीं मारा गया है. सूत्रों ने बताया है कि इस घटना में नैटो के नेतृत्व में लड़ने वाले पांच सैनिक घायल ज़रूर हुए हैं.

नैटो का कहना है कि तालिबान चरमपंथियों ने राइफ़ल, मोर्टार और ग्रेनेडों से चारों तरफ़ से हमला किया था.

बीबीसी से संवाददाता का कहना है कि आम तौर पर ये सैन्य चौकियाँ काफ़ी छोटी होती हैं और दूर दराज़ इलाक़ों में होती हैं इसलिए उन पर योजनाबद्ध तरीक़े से रॉकेटों और मोर्टरों से हमले होते रहते हैं.

स्थानीय कमांडरों का कहना है कि इन इलाक़ों में चरमपंथी आम तौर पर सीमा पार पाकिस्तान से आते हैं.

अफ़ग़ानिस्तान-पाकिस्तान का ये सीमावर्ती इलाक़ा चरमपंथियों के छिपने का क्षेत्र है जहां तालिबान और अलक़ायदा के विरुद्ध ड्रोन हमला होता रहता है.

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