राजपक्षे दूसरी बार राष्ट्रपति बने

महिंदा राजपक्षे ने दूसरी बार श्रीलंका के राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ली है. उन्होंने 10 महीने पहले राष्ट्रपति चुनाव जीता था.

दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद राजपक्षे ने कहा कि वे देश में स्थाई शांति का दौर लेकर आएँगे. श्रीलंका में 18 महीने पहले ही युद्ध ख़त्म हुआ है.

श्रीलंका में हाल में राजपक्षे सरकार ने संवैधानिक संशोधन किया है जिसके परिणामस्वरूप छह साल के इस कार्यकाल के बाद भी राजपक्षे जितनी बार चाहें राष्ट्रपति पद के लिए खड़े हो सकते हैं.

राजपक्षे ने कोलंबों में हुए समारोह में शपथ सिंहला भाषा में ली. समारोह में उनकी पत्नी और बड़ा बेटा शामिल था जो ख़ुद भी सांसद है. इसके अलावा सेना के विभिन्न अंगों के अध्यक्ष भी आए.

कार्यक्रम में बौद्ध भिक्षुओं ने राष्ट्रपति को आशीष दिया जिसके बाद सैन्य परेड और नृत्य का कार्यक्रम हुआ.

'महान देश बनें'

महिंदा राजपक्षे ने कहा, “तमिल विद्रोहियों की हार के बाद मैने एक बेहतर श्रीलंका का निर्माण किया है. अगर हम ख़ून खराबे से दूर रहें तो श्रीलंका महान देश बन सकता है. हमारा पहला काम होगा कि राष्ट्रीय एकता और शांति बनाए रखें.”

उन्होंने कहा कि अगर देश विकसित होगा तो राजनीतिक या जातीय हिंसा की कोई जगह नहीं रहेगी.

कार्यक्रम के दौरान राजपक्षे लोगों के साथ घुले मिले भी लेकिन जल्द ही उन्हें वहाँ से गाड़ी में बिठाकर दूसरी जगह ले जाया गया.

राजपक्षे के दोबारा चुने जाने को लेकर जो समारोह हो रहे हैं विपक्ष उनका बहिष्कार कर रहा है. विपक्ष का कहना है कि ये समारोह पैसे की बर्बादी हैं.

बीबीसी संवाददाता चार्ल्स हावीलैंड के मुताबिक नए समीकरणों में राजपक्षे परिवार के पास काफ़ी अधिकार और शक्तियाँ हैं जबकि विपक्ष इस समय काफ़ी हताश है.

राष्ट्रपति चुनाव में हार चुके सनथ फॉन्सेका जेल में हैं और सरकार उनके ख़िलाफ़ और आपराधिक मामले ला रही है.

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