पाक परमाणु हथियारों को लेकर चिंता

विकीलीक्स पर जारी ताज़ा गोपनीय दस्तावेज़ों के अनुसार अमरीकी और ब्रितानी राजनयिकों ने पाकिस्तान की परमाणु सामग्री चरमपंथियों के हाथों लग जाने की आशंका व्यक्त की थी.

दस्तावेज़ों के अनुसार पाकिस्तान में अस्थिरता बढ़ने के बावजूद वो अपने परमाणु हथियारों की संख्या में तेज़ी से बढ़ोत्तरी कर रहा है.

दस्तावेज़ों से ये बात सामने आई है कि ब्रिटेन और रूस सभी ने पाकिस्तान से इस्लामी चरमपंथियों के परमाणु सामग्री चुरा कर अपरिष्कृत परमाणु उपकरण तैयार करने की आशंका को लेकर चिंता जताई थी.

ब्रितानी विदेश मंत्रालय की वरिष्ठ अधिकारी मेरियट लेस्ली ने एक अमरीकी राजनयिक को बताया था, ''ब्रिटेन पाकिस्तान के परमाणु हथियारों की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित है.''

इसके पहले पाकिस्तान में अमरीकी राजदूत एन पेटरसन ने भेजे अपने संदेश में कहा था, ''हमारी चिंता किसी इस्लामी चरमपंथी के पूरा परमाणु हथियार चुरा लेने की नहीं है, बल्कि इस बात की ज्यादा आशंका है कि कोई पाकिस्तान के परमाणु संयंत्रों से धीरे धीरे परमाणु सामग्री चुरा कर बाद में हथियार न बना ले.''

बढ़ती चिंताएं

रूसी विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने अमरीकी अधिकारियों से पाकिस्तान को लेकर अपनी चिंता जाहिर की थी और कहा था, ''इस्लामी कट्टरपंथी न केवल पाकिस्तान में सत्ता हथियाना चाहते हैं बल्कि वे परमाणु सामग्री भी अपने हाथ में लेना चाहते हैं.''

गुप्त संदेशों के अनुसार पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी ने उनकी हत्या होने की परिस्थिति से निबटने की काफ़ी तैयारी कर रखी है.

उन्होंने एक बार अमरीका के उपराष्ट्रपति जो बाइडन से कहा था कि 'सेना संभवत उन्हें हटा सकती है.'

अमरीकी गोपनीय दस्तावेज़ों के अनुसार पाकिस्तान और भारत के हथियारों की होड़ को लेकर भी अमरीका चिंतित था.

इस साल की शुरुआत में दिल्ली स्थित अमरीकी राजदूत ने चेतावनी दी थी कि अगर भारत को पाकिस्तान से ख़तरा महसूस होता है तो वो जवाबी कार्रवाई के रूप में परमाणु हथियारों का पांसा फेंक सकता है.

इधर विकीलीक्स पर जारी हुए भारत संबंधी अमरीकी दस्तावेज़ों पर सफाई देते हुए भारत में अमरीका के राजदूत टिमोथी जे रोमर ने कहा है कि अमरीका हर कीमत पर विश्व में भारत की बढ़ती भूमिका और अंतरराष्ट्रीय नेतृत्व का स्वागत करता है.

उन्होंने कहा कि अमरीका अपनी कूटनीति से जुड़े दस्तावेज़ों की सुरक्षा चाहता है और उन्हें नुकसान पहुंचाने वालों को कटघरे में खड़ा किया जाएगा.

विकीलीक्स में सार्वजनिक किए गोपनीय दस्तावेज़ों के मुताबिक अमरीका की विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन का कहना था कि 'भारत ने ख़ुद ही अपने आपको संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की दौड़ में सबसे आगे क़रार दे दिया है.' गोपनीय दस्तावेज़ों के अनुसार उन्होंने अमरीकी राजनयिकों को निर्देश दिया था कि वे संयुक्त राष्ट्र में मुख्यालय में तैनात भारतीय राजनयिकों की गतिविधियों का विस्तृत ब्योरा उपलब्ध कराएँ.

संबंधित समाचार