राजपक्षे का ऑक्सफर्ड संबोधन रद्द

सुरक्षा कारणों से श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे का ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी में संबोधन स्थगित कर दिया गया है.

ऑक्सफर्ड यूनियन की डिबेटिंग सोसाइटी का कहना है कि विरोध की आशंका को देखते हुए उनके भाषण पर बहस संभव नहीं हो पाएगी.

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति राजपक्षे के विरोध में बड़ी संख्या में लोगों के ऑक्सफर्ड में जुटने की उम्मीद की जा रही थी.

दरअसल राजपक्षे सरकार पर तमिल विद्रोहियों के ख़िलाफ़ के अंतिम चरण में हज़ारों आम तमिल नागरिकों की हत्या का आरोप है.

मंगलवार को ही एक ब्रितानी टीवी चैनल ने श्रीलंकाई सेना के कथित जनसंहार की वीडियो फु़टेज दिखाई थी.

अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थाओं का आरोप है कि श्रीलंका में गृह युद्ध के अंतिम चरण में आम तमिल नागरिक मारे गए थे.

आरोप

हालांकि श्रीलंका सरकार आम नागरिकों को निशाना बनाए जाने की बात से साफ़ इनकार करती आई है.

मई, 2009 में श्रीलंका सेना तमिल विद्रोही संगठन को परास्त करने में सफल रही थी.

इससे पहले सेना और एलटीटीई के लड़ाकों के बीच देश के उत्तर में लंबा संघर्ष चला था. इस दौरान हज़ारों नागरिक भी युद्ध क्षेत्र में फंसे रहे.

युद्ध प्रभावित क्षेत्र में संघर्ष की क़ीमत वहाँ फंसे तमिल नागरिकों ने भी चुकाई.

इस दौरान अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से श्रीलंका सरकार के ऊपर इस बात को लेकर भी दबाव बनाया गया था कि संघर्ष के दौरान बड़े हथियारों का इस्तेमाल न किया जाए ताकि आम लोगों को नुक़सान न पहुँचे.

श्रीलंका सरकार ने संघर्ष के दौरान ऐसे हथियारों के इस्तेमाल न करने की वादा किया पर कुछ अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं का आरोप है कि सेना ने ज़मीनी तौर पर ऐसा नहीं किया और बड़े हथियारों की वजह से आम लोग भी निशाना बने.

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