'हत्याओं के लिए राजपक्षे दोषी'

विकीलीक्स के दस्तावेज़ों के अनुसार अमरीकी कूटनयिकों का मानना है कि 2009 में कथित तौर पर तमिलों की बड़ी संख्या में हत्या के पीछे श्रीलंकाई राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे का हाथ था.

कोलंबो में एक अमरीकी कूटनयिक के भेजे संदेश के आधार पर ये दावा किया गया है.

श्रीलंका में तीन दशकों से चल रहा संघर्ष पिछले साल मई में ख़त्म हुआ था. माना जा रहा है कि संघर्ष के आख़िरी कुछ दिनों में श्रीलंकाई सैनिकों की बमबारी के बाद दस हज़ार से ज़्यादा तमिल मारे गए.

श्रीलंका में अमरीकी राजदूत पेट्रिशिया बूटेनिस ने 15 जनवरी को भेजे एक संदेश में कहा है कि महिंदा राजपक्षे और पूर्व सेना कमांडर सनथ फॉनसेका इन मौतों के लिए मुख्य तौर पर ज़िम्मेदार हैं.

उनका कहना था कि ऐसा कभी नहीं हुआ है कि कोई सरकार सत्ता में रहते हुए युद्ध अपराधों के लिए अपने ही सैनिकों पर जाँच बिठाए.

संसद में हंगामा

पेट्रिशिया बूटेनिस ने अपने संदेश में कहा था, “श्रीलंका की स्थिति और भी जटिल है क्योंकि कई कथित अपराधों का दोष देश के नेताओं और सेना के ज़िम्मे है जिसमें महिंदा राजपक्षे, उनके भाई और जनरल फॉनसेका शामिल हैं.”

महिंदा राजपक्षे ब्रिटेन की यात्रा पर हैं जहाँ उनके दौरे को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. इस मुद्दे पर श्रीलंकाई संसद में सांसदों के बीच झड़प भी हो गई.

राजपक्षे को बुधवार को ब्रिटेन में भाषण देना था लेकिन ब्रिटेन में हुए प्रदर्शनों के कारण ऑक्सफ़र्ड यूनियन ने भाषण का कार्यक्रम रद्द कर दिया.

गुरुवार को संसद की कार्यवाही स्थिगत करनी पड़ी थी क्योंकि कई सांसदों ने विपक्षी सिंहला सांसद जयलथ जयवर्धने पर हमला करने की कोशिश की थी.

सांसदों का आरोप था कि सिंहला सांसद ने लंदन के हिथ्रो हवाईअड्डे पर महिंदा राजपक्षे के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करवाने की कोशिश की.

कैबिनेट मंत्री दिनेश गुनावर्धने ने आरोप लगाया है कि ऑक्सफ़र्ड यूनियन भाषण रद्द होने के लिए सिंहला सांसद ज़िम्मेदार है.

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