'सभी दलों की इज़्ज़त करते हैं कियानी'

Image caption पाकिस्तानी फ़ौज के प्रवक्ता का कहना है कि जनरल कियानी सभी राजनेताओं को इज़्ज़त की निगाह से देखते हैं.

विकीलीक्स के लगाए आरोपों को खारिज करते हुए अपनी पहली प्रतिक्रिया में पाकिस्तानी सेना ने कहा है कि देश के सेना प्रमुख सभी राजनीतिक दलों का सम्मान करते हैं.

विकीलीक्स की ओर से जारी गोपनीय जानकारी में कहा गया था कि सेना प्रमुख जनरल अशफ़ाक कियानी ने राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी को सत्ता से हटाने का मन बना रहे थे.

सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल अथर अब्बास ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सेना देश के संविधान की सीमाओं में रहते हुए राजनीतिक प्रक्रिया का समर्थन कर रही है और इस को लेकर नीति बिल्कुल स्पष्ट है.

उन्होंने कहा, “जहाँ तक राष्ट्रीय नेतृत्व के बारे में विचारों को संबंध है तो सेना के प्रमुख जनरल अशफ़ाक़ कियानी पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ सहित सभी राजनेताओं को इज़्ज़त की निगाह से देखते हैं.”

विकीलीक्स ने अमरीकी विदेश मंत्रालय के कई गोपनीय संदेश प्रकाशित किए थे जिस में पाकिस्तान के राष्ट्रपति, सेनाध्यक्ष और अन्य अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए थे.

इस्तीफ़ा

एक दस्तावेज़ में बताया गया है कि मार्च 2009 में पाकिस्तान के सेनाध्यक्ष जनरल अशफ़ाक़ कियानी ने इस्लामाबाद स्थित अमरिकी राजदूत ऐन पेटरसन से मुलाक़ात में कहा था कि अगर स्थित तेज़ी से बिगड़ी तो उन्हें न चाहते हुए भी राष्ट्रपति ज़रदारी को इस्तीफ़ा देने के लिए कहना पड़ेगा.

विकीलीक्स के दस्तावेज़ के अनुसार जनरल कियानी ने राष्ट्रपति ज़रदारी के त्यागपत्र के बाद राष्ट्रपति पद केलिए अवामी नेशनल पार्टी के प्रमुख असफंदयार वली का नाम लिया था.

जनरल कियानी ने अमरीकी राजदूत को यह भी कहा था कि वे मुस्लिम लीग नवाज़ के प्रमुख नवाज़ शरीफ़ पर विश्वास नहीं करते हैं.

एक और दस्तावेज़ के अनुसार मार्च 2009 में अमरीका के उपराष्ट्रपति जो बाइडन ने ब्रितानी प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राऊन को बताया था कि उन्हें राष्ट्रपति ज़रदारी ने कहा है कि सेनाध्यक्ष जनरल कियानी और ख़ुफिया एजेंसी आईएसआई के प्रमुख जनरल शुजा पाशा उन्हें सत्ता से हटाना चाहते हैं.

विकीलीक्स की गोपनीय जानकारियों पर पहले पाकिस्तान की सेना ने चुप्पी साध ली थी और अब एक संक्षिप्त बयान जारी किया है.

विश्लेषकों का कहना है कि पीपुल्स पार्टी के गठबंधन की सरकार और सेना के बीच संभावित मतभेदों से बचने केलिए सेना ने विकीलीक्स पर प्रतिक्रिया व्यक्त की है.

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