चिकन करी में चूहे का मांस

बांग्लादेशी किसान को ईनाम
Image caption बांग्लादेश में चूहों को मारने के अभियान में योगदान देने के लिए इस किसान को सम्मानित किया गया था.

बांग्लादेश में राजशाही विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने चूहों को मारने के लिए एक बड़े अभियान के आदेश दिए हैं.

ये आदेश उस घटना के बाद दिए गए हैं जिसमें विश्वविद्यालय के कुछ छात्रों को खाने के लिए दी गई चिकन करी में चूहे का मांस पाया गया था.

राजशाही विश्वविद्यालय के एक प्रवक्ता ने बीबीसी को बताया, "एक छात्र ने अपनी चिकन करी में चूहे का सिर देखा. उसके बाद छात्र का पेट ख़राब हो गया."

घटना के बाद सैकड़ों छात्रों ने बावर्ची के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग करते हुए प्रदर्शन किया.

अब बावर्ची की निष्कासित कर उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

अभियान

राजशाही विश्वविद्यालय के प्रोक्टर चौधरी मोहम्मद ज़कारिया ने बीबीसी को बताया, " मैंने छात्रों से दो दिन के लिए विश्वविद्यालय के डाइनिंग हॉल में भोजन करने से मना कर दिया है. डाइनिंग हॉल में चूहों को मारने का अभियान चल रहा है."

ज़कारिया ने माना कि उनके खाने में भी चूहे का गोश्त दिख जाए तो वे भी आपे से बाहर हो सकते हैं.

फ़िलहाल ये साफ़ नहीं है कि चिकन करी में चूहे का मांस जानबूझ कर मिलाया गया है या नहीं.

सितंबर 2009 में बांग्लादेश के किसान को चूहे पकड़ने का चैंपियन घोषित किया गया था. मोखेरूल इस्लाम का दावा था कि उनकी अगुवाई में एक दल ने एक महीने में 80 हज़ार चूहे मारे हैं.

मोखेरूल इस्लाम को पांच सौ किसानों की मौजूदगी में एक रंगीन टेलिविज़न बतौर ईनाम दिया गया था.

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