पाकिस्तानी प्याज़ को भारत भेजने की मंज़ूरी

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने पाकिस्तान से भारत को प्याज़ के निर्यात की अनुमति दे दी है.

केंद्रीय वणिज्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी शहाब ख़ान ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि पिछले दिनों एक बैठक के बाद वणिज्य मंत्रालय ने प्रधानमंत्री को लिखा था कि जिन सौदों की रक़म पाकिस्तान के व्यापारियों को मिल चुकी है उस की इजाज़त दी जाए.

उन्होंने कहा, “चार जनवरी 2011 तक जो सौदे हुए हैं प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने प्याज़ से भरे उन वाहनों को भारत जाने की अनुमति दी है और वह गुरुवार को भारत जाएँगे.”

पाकिस्तान सरकार ने कुछ दिन पहले भारत को सड़क मार्ग से प्याज़ भेजने पर प्रतिबंध लगा दिया था. अधिकारियों का तर्क था कि भारत को लगातार प्याज़ के निर्यात से से पाकिस्तान में प्याज़ की क़ीमतें बढ़ सकती हैं.

अधिकारियों ने वाघा सीमा पर प्याज़ लेकर भारत जा रहे करीब 364 ट्रकों को रोक लिया था.

गुरूवार को चलेंगे ट्रक

लाहौर के एक प्याज़ व्यापारी ख़लील भुट्टी ने बताया करीब 364 ट्रकों के सौदे पूरे हो चुके हैं और व्यापारियों को रक़म भी मिल गई है इसलिए इन ट्रकों को भेजा जाएगा.

उन्होंने कहा, “जैसे ही सरकार की ओर से व्यापारियों को अनुमति पत्र मिलेगा, 164 ट्रकों को तुरंत भारत भेजा जाएगा और बाक़ी 200 के करीब ट्रक कुछ दिनों के बाद भारत जाएंगे.”

ग़ौरतलब है कि एक ट्रक में करीब 10 टन प्याज़ मौजूद है.

भारत ने दिसंबर से अभी तक पाकिस्तान से छह हज़ार टन प्याज़ का आयात किया है. भारत में प्याज़ की कीमतें आसमान चूम रही हैं.

पाकिस्तान में प्याज़ की क़ीमत 50 से 55 रुपय प्रति किलोग्राम है और करीब 22 लाख टन प्याज़ बाज़ारों में आता है जो पाकिस्तान की ज़रुरत के लिए काफ़ी है. इस साल 23 से 24 लाख टन प्याज़ की पैदावर हुई है.

पाकिस्तान में सब से ज़्यादा प्याज़ की उपज बलूचिस्तान प्रांत में होती है. दूसरे नंबर पर सिंध, तीसरी पर ख़ैबर पख़्तूनख़्वाह और चौथे नंबर पर पंजाब प्रांत है. 40 प्रतिशत प्याज़ केवल बलूचिस्तान से बाज़ारों में लाया जाता है.

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