झलनाथ नेपाल के प्रधानमंत्री चुने गए

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Image caption झलनाथ को माओवादियों का समर्थन प्राप्त है

नेपाल में सांसदों ने सात महीनों के गतिरोध के बाद झलनाथ खनाल को नया प्रधानमंत्री चुना है. वे माओवादियों के समर्थन से चुने गए हैं.

उल्लेखनीय है कि नेपाल में पिछले साल जून से कोई औपचारिक सरकार नहीं थी.

सेना पर नियंत्रण और पूर्व माओवादियों की सेना में भर्ती जैसे विवादास्पद मुद्दों पर तत्कालीन प्रधानमंत्री माधव कुमार नेपाल ने इस्तीफ़ा दे दिया था, और तब से वे एक अंतरिम सरकार का नेतृत्व कर रहे थे.

नेपाल का राजनीतिक गतिरोध संसद की सबसे बड़ी पार्टी एकीकृत नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के अपना उम्मीदवार वापस लेने के बाद ख़त्म हुआ. पुष्प कुमार दहाल उर्फ़ प्रचंड प्रधानमंत्री पद के लिए माओवादियों के उम्मीदवार थे.

वामपंथी सरकार

जब माओवादियों ने अपनी सहयोगी पार्टी कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ नेपाल(यूएमएल) के उम्मीदवार झलनाथ खनाल के समर्थन का फ़ैसला किया तो उनका चुना जाना तय हो गया था.

गुरुवार को संसद में हुए मतदान में कुल 598 वोट डाले गए, जिनमें से 368 वोट खनाल के पक्ष में था.

ये सत्रहवां मौक़ा था जब नेपाली सांसद प्रधानमंत्री चुनने के लिए वोट डाल रहे थे.

झलनाथ खनाल 60 वर्ष के हैं. उन्होंने 1990 के दशक में और फिर 2006 में लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनों में बढ़चढ़ कर भाग लिया था.

विश्लेषकों के अनुसार नेपाल की नई वामपंथी सरकार के सामने दो सबसे बड़ी चुनौतियाँ हैं- 19 हज़ार पूर्व माओवादी विद्रोहियों का पुनर्वास करना और संविधान निर्माण की प्रक्रिया को पूरा करना.

ज़ाहिर है इन मुद्दों पर नई सरकार को विपक्षी नेपाली कांग्रेस को साथ लेकर चलना होगा.

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