क़ब्र में इंसाफ़ की आस

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Image caption कोड़ो की सज़ा पाने वाली मृत युवती के घर के बाहर जमा हुए लोग

बंगलादेश में सार्वजनिक तौर पर 80 कोड़ों की सज़ा पाने वाली 14 वर्षीय लड़की के शव को हाई कोर्ट के आदेश पर क़ब्र से निकाल लिया गया है.

हिना बेगम को ये सज़ा एक विवाहित व्यक्ति से संबंध रखने के जुर्म में दी गई थी.

पिछले महीने गांव वालों द्वारा दी गई इस सज़ा के एक हफ़्ते बाद युवती की मौत हो गई थी.

अदालत ने मामले की जांच कर रही तीन सदस्यीय समिति से कहा है कि लड़की के शव का दोबारा पोस्ट मॉर्टम कर मौत के कारण का पता लगाया जाए.

उच्च अदालत ने शव के आरंभिक पोस्ट मॉर्टम की उस रिपोर्ट के बाद शव के दूसरे पोस्ट मॉर्टम का आदेश दिया है, जिसमें कहा गया था कि हिना बेगम के शरीर पर किसी तरह की बाहरी और भीतरी चोट के निशान नहीं पाए गए.

हिना के परिवार जनों का कहना है कि बुज़ुर्ग ग्रामीणों और मौलवियों की अदालत ने लड़की को विवाहित पुरुष से संबंध रखने के आरोप में कोड़े मारने की सज़ा सुनाई थी.

अटॉर्नी जनरल महबूबी आलम ने बीबीसी को बताया, “हाई कोर्ट ने पहला पोस्ट मॉर्टम करने वाले स्थानीय डॉक्टरों को भी 10 फ़रवरी को अदालत में पेश होने के आदेश दिए हैं. हमें उम्मीद है कि तब तक शव के पोस्ट मॉर्टम की दूसरी रिपोर्ट भी अदातल के सामने होगी”

हिना बेगम की मौत के मामले में चार लोगों को गिरफ़्तार किया गया था.

पुलिस का कहना है कि अभी इस मामले में 14 और लोगों की तलाश जारी है, जिनमें स्थानीय मदरसे का एक मौलवी भी शामिल है.

हाई कोर्ट के इस आदेश के पीछे एक आंशिक वजह स्थानीय मीडिया की वे रिपोर्टें भी बताई जा रही हैं जिनमें कहा गया था कि मामले को जानबूझ कर दबाया गया है.

पिछले साल अदालत ने कोड़े मारने की सज़ा पर पाबंदी लगा दी थी.

उसके बाद से शरियत क़ानून के तहत दी गई सज़ा से मौत का ये दूसरा मामला सामने आया है.

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