नोबेल विजेता मुहम्मद युनूस बर्ख़ास्त

बांग्लादेश के नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस को ग्रामीण बैंक से बर्ख़ास्त कर दिया गया है. ये जानकारी बैंक अधिकारियों ने दी है.

ग्रामीण बैंक के चेयरमैन मुज़म्मिल हक़ ने एएफ़पी को बताया कि मुहम्मद यूनुस को सभी ज़िम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया है.

उन्होंने बीबीसी को बताया कि 70 वर्षीय मुहम्मद युनूस को इसलिए हटाया गया क्योंकि वे 60 साल की उम्र के बाद भी ग्रामीण बैंक के प्रबंध निदेशक बने रहे. ग्रामीण बैंक के चेयरमैन के मुताबिक मुहम्मद यूनुस को दस साल पहले ग्रामीण बैंक के प्रबंध निदेशक के पद पर जब दोबारा नियुक्त किया गया था तो बांग्लादेश बैंक से मंज़ूरी नहीं ली गई थी.

मुहम्मद यूनुस बांग्लादेश सरकार के आलोचक रहे हैं. सरकार की अब ग्रामीण बैंक में 25 फ़ीसदी हिस्सेदारी है.

संवाददाताओं का कहना है कि प्रोफ़ेसर युनूस को हटाया जाना बांग्लादेश सरकार के साथ चल रहे एक लंबे टकराव का नतीजा है.

राजनीतिक मतभेद

2007 में मुहम्मद यूनुस ने राजनीतिक पार्टी के गठन का फ़ैसला किया था जिसके बाद उनके प्रधानमंत्री शेख हसीना के साथ मतभेद हो गए थे.

वहीं कुछ समय पहले ऐसे रिपोर्टें भी आई थीं कि बांग्लादेश के अर्थशास्त्री मुहम्मद यूनुस ने ग़रीबों की मदद के लिए स्थापित किए गए ग्रामीण बैंक में कथित तौर करोड़ों डॉलर की हेराफेरी की है.

ग्रामीण बैंक की स्थापना प्रोफेसर यूनुस ने क़रीब तीन दशक पहले ग़रीबों को छोटे ऋण देने के लिए की थी.ग्रामीण बैंक और संस्थापक प्रोफ़ेसर यूनुस को 2006 में नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया था.

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