हेलमंद में मोबाइल सेवा नहीं

आम नागरिक
Image caption अफ़गानिस्तान के हेलमंद में तालेबान का खासा प्रभाव है.

अफ़गानिस्तान के हेलमंद प्रांत में तालिबान की धमकी के बाद सभी टेलीफोन नेटवर्क बंद कर दिए गए हैं.

संवाददाताओं का कहना है कि तालिबान की धमकी के बाद टेलीफोन सेवाओं को बंद करने का कंपनियों का फ़ैसला दर्शाता है कि हेलमंद में तालेबान का कितना अधिक प्रभाव है.

तालिबान के ख़िलाफ़ लड़ाई में नैटो सैनिकों के लिए हेलमंद प्रमुख इलाक़ा रहा है.

मंगलवार को राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने कहा था कि कुछ मोबाइल कंपनियां हेलमंद प्रांत में ज़रुरी फोन सेवाएं मुहैया करा रही हैं. इस प्रांत में मात्र एक प्रतिशत लैंडलाइन सेवाएं हैं.

तालिबान का कहना है कि उनके दुश्मन मोबाइल के ज़रिए उनकी गतिविधियों पर नज़र रखते हैं इसलिए मोबाइल के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया गया है.

तालिबान ने पूर्व में भी मोबाइल सेवाओं पर रोक लगाई है लेकिन आम तौर पर यह रोक दिन के कुछ घंटों के लिए होती थी.

तालिबान का कहना है कि अगर मोबाइल कंपनियों ने उनकी बात नहीं मानी तो वो मोबाइल फोन के टावर उड़ा देंगे.

हेलमंद में अभी तक दो टेलीफोन टावर उड़ाए जा चुके हैं और तालेबान के अनुसार इन कंपनियों ने उनके आदेश नहीं माने थे.

हालांकि मोबाइल सेवाओं पर प्रतिबंध से चरमपंथियों को भी नुकसान हो सकता है क्योंकि वो भी मोबाइलों का काफ़ी इस्तेमाल करते हैं.

पूर्व में कई बार तालिबान लड़ाकों ने अपने स्थानीय दुश्मनों को मोबाइल पर धमकी दी है. इतना ही नहीं तालेबान वीडियो और मोबाइल संदेशों के ज़रिए अमरीका विरोधी प्रचार भी करते रहे हैं.

संबंधित समाचार