पद से हटाए जाने पर यूनुस की अपील ख़ारिज

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Image caption सुप्रीम कोर्ट से पहले हाई कोर्ट ने भी युनूस को प्रबंध निदेशक के पद से हटाने के फ़ैसले को सही ठहराया था

बांग्लादेश में ग्रामीण बैंक के संस्थापक मोहम्मद यूनुस को प्रबंध निदेशक के पद से हटाए जाने के ख़िलाफ़ उनकी अपील को बांग्लादेश के सुप्रीम कोर्ट ने ख़ारिज कर दिया है.

इससे पहले नोबेल पुरस्कार विजेता यूनुस की अपील को बांग्लादेश हाई कोर्ट ने ख़ारिज कर दिया था. दोनों ही अदालतों ने उन्हें इस पद से हटाए जाने के फ़ैसले को सही ठहराया है.

मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 71 वर्षीय मोहम्मद यूनुस को अवैध तरीके से रिटायरमेंट की उम्र पार कर लेने के बाद भी इस पद पर नियुक्त किया गया था.

ग्रामीण बैंक के ज़रिए गरीब लोगों को छोटे कर्ज़े देकर मोहम्मद यूनुस ने माइक्रोफ़ाइनेंस की दुनिया को नया आयाम दिया है. अपने काम के लिए उन्हें नोबेल पुरस्कार से नवाज़ा गया था.

ढाका में बीबीसी संवाददाता एतिराजन एन्बारासन के अनुसार अदालत के सामने एक और याचिक भी है जिसे ग्रामीण बैंक के नौ निदेशकों ने दायर किया है, लेकिन उसमें प्रगति होने की ज़्यादा संभावना नहीं है और ये कहा जा सकता है कि यूनुस के सामने सभी क़ानूनी विकल्प लगभग ख़त्म हो चुके हैं.

'निजी संपत्ति'

यूनुस के समर्थकों का कहना है कि तीन साल पहले अपना राजनीतिक दल शुरु करने की यूनुस की कोशिशों के कारण उनके और प्रधानमंत्री शेख़ हसीना के बीच मतभेद पैदा हो गए थे.

बांग्लादेश की सरकार इस आरोप का खंडन कर चुकी है.

ग्रामीण बैंक के प्रबंध निदेशक के पद से यूनुस के हटाए जाने की अमरीका समेत बांग्लादेश के कई विदेशी दान दाताओं ने आलोचना की थी.

पिछले साल दिसंबर में शेख़ हसीना ने यूनुस पर आरोप लगाया था कि वे ग्रामीण बैंक को अपनी 'निजी संपत्ति' मानते हैं.

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