'आंदोलन का अपमान न करें प्रधानमंत्री'

अन्ना हज़ारे इमेज कॉपीरइट Reuters (audio)

लोकपाल विधेयक को लेकर आमरण अनशन पर बैठे जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हज़ारे ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर कांग्रेस के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है.

अन्ना हज़ारे कांग्रेस पार्टी के उस बयान से काफ़ी नाराज़ हैं, जिसमें कांग्रेस ने कहा था कि अन्ना हज़ारे ने जल्दबाज़ी में अनशन शुरू किया है.

नाराज़ अन्ना हज़ारे ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर कहा है कि वे देश की जनता को गुमराह न करें. उन्होंने कहा है कि भ्रष्टाचार ख़त्म करने की बजाए सरकार ये कह रही है कि वे किसी के भड़काने पर आंदोलन कर रहे हैं.

अपने पत्र में अन्ना हज़ारे ने लिखा है, "ये आरोप लगाया जा रहा है कि मुझे भड़काया गया है. प्रिय मनमोहन सिंह जी ये मेरे विवेक और समझ का अपमान है. मैं कोई बच्चा नहीं हूँ कि किसी के भड़काने पर आमरण अनशन करूँगा."

खदेड़े गए दो नेता

इससे पहले अन्ना हज़ारे के अनशन पर कांग्रेस की प्रवक्ता जयंती नटराजन ने कहा था कि उनका आमरण अनशन जल्दबाज़ी में लिया गया फ़ैसला है.

Image caption उमा भारती को अन्ना समर्थकों ने वापस भेज दिया

उन्होंने कहा था कि लोकतंत्र में नीति बनाने से पहले बहस होनी चाहिए.

इस बीच अन्ना हज़ारे के समर्थकों ने उनसे मिलने आए दो राजनेताओं को खदेड़ दिया. अन्ना हज़ारे ने पहले ही कह दिया था कि वे अपने आंदोलन को राजनीतिक रंग नहीं देना चाहते.

बुधवार को हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय राष्ट्रीय लोकदल के नेता ओम प्रकाश चौटाला और भारतीय जनता पार्टी की पूर्व नेता उमा भारती जंतर-मंतर पहुँचे, लेकिन हज़ारे समर्थकों ने उन्हें वहाँ से भगा दिया.

अन्ना हज़ारे के साथ उनकी भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम में शामिल समर्थकों ने इन नेताओं से कह दिया कि वे तुरंत वहाँ से चले जाए.

पेशकश

इस बीच अन्ना हज़ारे ने केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार की उस पेशकश को ठुकरा दिया है, जिसमें उन्होंने लोकपाल विधेयक पर गठित मंत्रियों के समूह से इस्तीफ़ा देने को कहा था.

Image caption अन्ना हज़ारे ने पवार की पेशकश भी ठुकराई

अन्ना हज़ारे ने कहा कि शरद पवार को तो अपना मंत्रिमंडल छोड़ देना चाहिए. अपना अनशन समाप्त करने की मांग को ठुकराते हुए हज़ारे ने कहा कि उनका आंदोलन जारी रहेगा.

उन्होंने कहा कि उनका आंदोलन अहिंसक और अराजनीतिक है. अन्ना हज़ारे ने कहा कि वे राजनेताओं के खोखले वादों के झाँसे में नहीं आएँगे.

अन्ना हज़ारे मंगलवार से आमरण अनशन पर बैठे हैं. वे वैसे लोकपाल विधेयक की मांग कर रहे हैं, जिसमें भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की बात हो.

72 वर्षीय सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हज़ारे के आंदोलन में कई जानी-मानी हस्तियाँ उनके साथ हैं. इनमें प्रमुख हैं पूर्व पुलिस अधिकारी किरण बेदी और आरटीआई कार्यकर्ता अरविंद केजरीवाल. अन्ना हज़ारे के अनशन के साथ ही देश के कई हिस्सों में भी लोग अनशन पर बैठे हैं.

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