अफ़ग़ानिस्तान: सैन्य ठिकाने पर आत्मघाती हमला

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Image caption अफ़ग़ानिस्तान में लगातार हिंसा जारी है.

अफ़ग़ानिस्तान के पूर्वी प्रांत लग़मान में एक सैन्य ठिकाने पर हुए आत्मघाती हमले में कम से कम नौ लोगों के मारे जाने और कई लोगों के घायल होने की ख़बर है.

इस बीच नेटो की ओर से आ रही ख़बरों के मुताबिक़ अफ़ग़ानिस्तान के पूर्वी हिस्से में हुए हमले में नेटो के पांच सैनिकों की मौत हो गई है.

तालिबान ने इस हमले की ज़िम्मेदारी ली है.

समाचार एजेंसी ‘एसोसिएटड प्रेस’ के मुताबिक़ अफ़ग़ानी सुरक्षाबलों की वेशभूषा पहने एक आत्मघाती हमलावर ने ख़ुद को सैन्य ठिकाने के प्रवेश द्वार पर उड़ा दिया.

समाचार एजेंसी के मुताबिक़ अफ़ग़ानिस्तान रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता मुहम्मद ज़हीर आज़िमी ने बताया कि अफ़ग़ान समय के मुताबिक सुबह 7:30 बजे हमलावर ने अपने शरीरी पर बंधे विस्फोटकों को उड़ा दिया.

उधर तालिबान के प्रवक्ता ज़बिउल्लाह मुजाहिद ने संवाददाताओं को जारी एक ईमेल में कहा, ''हमलावर केंद्रीय अफ़ग़ानिस्तान के डे-कुंडी इलाक़े से है. एक महीना पहले इस हमलावर की भर्ती हुई थी और इसका मक़सद था सैन्य ठिकाने पर हमला करना. ''

'तालिबान से बातचीत करें'

शुक्रवार को भी दक्षिणी प्रांत में हुए एक आत्मघाती हमले में एक पुलिस प्रमुख की मौत हो गई थी.

कुछ दिन पहले ब्रितानी विदेश मंत्री डेविड मिलिबैंड ने कहा था कि अफ़ग़ानिस्तान की जंग को लोग भूल रहे हैं.

उन्होंने अमरीकी में एक भाषण में कहा, "पश्चिमी देशों ने वहाँ से बाहर जाने की 2014 तक की तिथि चाहे दे दी हो लेकिन वहाँ जंग का अंत नज़र नहीं आ रहा है. जैसे जैसे ये तिथि नज़दीक आती है वैसे वैसे कबायली नेता, विद्रोही और लड़ाके ताकतवर होते जाएँगे. हल ये है कि तालिबान से जल्द से जल्द बातचीत की जाए, इससे पहले की बहुत देर हो जाए."

उन्होंने ये भी कहा कि यदि क़ैदियों को छोड़ना पड़ता है और रात के छापे बंद करने पड़ते हैं तो उन्हें वार्ता के लिए तैयार करने के लिए ऐसा करना चाहिए. उन्होंने कहा कि यदि तालिबान गारंटी दें कि वे दोबारा अल क़ायदा को वहाँ अड्डा नहीं जमाने देंगे, तो ये सब संभव हो सकता है.

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