वरिष्ठ अल-क़ायदा नेता की मौत

कुनर
Image caption नेटो का दावा है कि अब्दुल ग़नी कुनर प्रांत में हवाई हमले के दौरान मारे गए थे.

अफ़ग़ानिस्तान में अंतरराष्ट्रीय गठबंधन सेना का दावा है कि उन्होंने अल-क़ायदा के एक वरिष्ठ नेता अब्दुल ग़नी को मार दिया है.

नेटो के नेतृत्व वाली गठबंधन सेना के अनुसार अब्दुल ग़नी अफ़ग़ानिस्तान में उनकी वांछित सूची में दूसरे नंबर पर थे.

नेटो के अनुसार अब्दुल ग़नी को अबु हफ़्स अल-नजदी के नाम से भी जाना जाता था.

नेटो का दावा है कि सऊदी अरब के रहने वाले अब्दुल ग़नी ने ना केवल अफ़ग़ानिस्तान में कई प्रशिक्षण शिविर क़ायम किए थे बल्कि कई क़बायली नेता और विदेशियों के ख़िलाफ़ हमले भी करवाए थे.

वांटेड सूची में

साल 2009 में सऊदी अरब ने 85 वांटेड चरमपंथियों की सूची जारी की थी और उस सूची में अब्दुल ग़नी 23वें नंबर पर थे. उस सूची के अनुसार अब्दुल ग़नी के अफ़ग़ानिस्तान, पाकिस्तान या ईरान में सक्रिय होने की संभावना थी.

अफ़ग़ानिस्तान में नेटो को 2007 से अब्दुल ग़नी की तलाश थी.

सेना के अनुसार लगभग दो हफ़्ते पहले पाकिस्तान से सटे हुए अफ़ग़ानिस्तान के पूर्वी प्रांत कुनर में हुए हवाई हमले में अब्दुल ग़नी मारे गए थे.

उनके अनुसार 13 अप्रैल को कुनर प्रांत के दंगम ज़िले में अब्दुल ग़नी अल-क़ायदा के दूसरे साथियों से मिल रहे थे तभी नेटो ने उन पर हवाई हमले किए थे जिसमें अब्दुल ग़नी और उनके साथियों की मौत हो गई थी.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार हमले के दौरान अब्दुल ग़नी के साथ पाकिस्तान में सक्रिय अल-क़ायदा का एक चरमपंथी वक़ास भी मौजूद था और वो भी मारा गया था.

सेना का दावा है कि अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई के निकट सहयोगी और पूर्वी इलाक़े के एक वरिष्ठ क़बायली नेता मलिक ज़रिन और उनके नौ साथियों की मौत के पीछे भी अब्दुल ग़नी का हाथ था.

अब्दुल ग़नी पर अमरीकी अधिकारियों समेत कई विदेशियों पर भी हमला करवाने का आरोप था.

गठबंधन सेना का अनुमान है कि अल-क़ायदा के लगभग 100 सदस्य अभी भी अफ़गानिस्तान में सक्रिय हैं.

सेना का दावा है कि उन्होंने केवल पिछले महीने ही 25 से ज़्यादा अल-क़ायदा नेता और लड़ाकों को मार गिराया है.

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