श्रीलंका में छात्राओं की पिटाई की जाँच

कटनकुड़ी इलाक़े में अरबी में साइन बोर्ड इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption इस इलाक़े में पिछले दिनों से इस्लामिक कट्टरपंथ के संकेत मिल रहे हैं

श्रीलंका में पुलिस का कहना है कि वह देश के पूर्वी हिस्से में दो स्कूल छात्राओं की पिटाई की घटना की जाँच कर रही है.

पिछले हफ़्ते जब ये छात्राएँ एक इंटरनेट कैफ़े से बाहर आ रही थीं तो कुछ आदमियों ने उन्हें घेर लिया और उन पर पोर्नोग्राफ़ी देखने का आरोप लगाते हुए उनकी पिटाई की.

छात्राएँ इससे इनकार करती हैं.

इस घटना ने उस इलाक़े में इस्लाम की कट्टरपंथी व्याख्या को लेकर जताई जा रही चिंता को बढ़ा दिया है.

बढ़ता कट्टरपंथ

ये घटना आठ दिनों पहले कटनकुड़ी नगर में हुई जो एक मुसलमान बहुल इलाक़ा है.

वहाँ दो स्कूली छात्राओं को कुछ पुरुषों ने घेर लिया जब वे एक इंटरनेट कैफ़ै से बाहर आ रहीं थीं.

इनमें से एक छात्रा के पिता का कहना है कि इन पुरुषों ने लड़कियों पर आरोप लगाया कि वे पोर्नोग्राफ़ी देख रही थीं.

उनका कहना है कि इन लोगों ने लड़कियों को पास के ही एक घर में जाने पर बाध्य किया जहाँ उनकी पिटाई की गई फिर वे इन लड़कियों को स्थानीय इस्लामिक केंद्र में ले गए.

इन लड़कियों पर पाप करने का आरोप लगाया गया और फिर बहुत से लोगों की भीड़ के सामने उनकी निंदा की गई.

इसके बाद पुलिस ने वहाँ हस्तक्षेप किया और वह घायल लड़कियों के इलाज के लिए उन्हें अस्पताल ले गई.

लड़कियाँ अपने ऊपर लगाए गए इन आरोपों का खंडन करती हैं.

बीबीसी की संवाददाता जिल मैकगिवरिंग का कहना है कि श्रीलंका में इस तरह की घटना बहुत असामान्य है.

उनका कहना है कि इस इलाक़े में जिस तरह से इस्लाम की कट्टरपंथी व्याख्या की जा रही है उसे लेकर चिंता बढ़ी है.

विश्लेषकों का कहना है कि हाल के वर्षों में स्थानीय महिलाओं पर लगातार कट्टरपंथियों का दबाव बढ़ रहा है.

अब उन्हें सार्वजनिक रुप से बाहर निकलने पर अपना चेहरा ढँक कर रखने को कहा जाता है, जबकि पहले ऐसा नहीं होता था.

कुछ समय पहले स्थानीय अधिकारियों ने सड़कों पर लगे सूचना पट्ट में अरबी में भी सूचनाएँ लिखवाईं हैं हालांकि वहाँ की पूरी आबादी तमिल भाषा ही बोलती है.

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