नेपाल में कंप्यूटर की मुस्कान

नेपाल के सबसे ग़रीब समझे जाने वाली मध्य पश्चिमी पहाड़ियों तक भी अब कंप्यूटर और इंटरनेट की सुविधाएं पहुँच गई हैं. यह सब संभव हुआ है स्वंयसेवी संस्थाओं और स्कूलों के बीच सहभागिता की वजह से.

रूकुम ज़िले के कुछ स्कूलों में कंप्यूटर और इंटरनेट की सुविधाएं मुहैया करा दी गई हैं.

अब तक इलाके के इन स्कूलों से पाठ्य पुस्तकों और शिक्षकों की कमी की शिकायतें मिलती रहतीं थीं, लेकिन अब स्थितियां बदल रही हैं.

रूकुम ज़िले के छिवांग में स्थिति महेन्द्र हायर सेकेंड्री स्कूल में पहली कक्षा की जैसे ही कक्षाऐं शुरू होती हैं कंप्यूटर पर जारी दिशा निर्देशों का पालन किया जाता है

पहली कक्षा के एक छात्र ने मुस्कुराते हुए बताया कि कंप्यूटर बोलता है और इसके निर्देशों का पालन करने में मज़ा आता है.

बड़ी कक्षाओं में पढ़ने वाले छात्र कहते हैं कि वो वैकल्पिक विषय के रूप में कंप्यूटर विषय की पढ़ाई कर के काफी ख़ुश हैं.

छात्रों का आकर्षण

एक वरिष्ठ छात्र कहते हैं कि उन्होंने कंप्यूटर का सिद्धांत पढ़ लिया है और अब प्रायोग करना बाकी है.

स्कूल के कंप्यूटर शिक्षक मन बहादुर औली कहते हैं कि कंप्यूटर ने ऐसे छात्रों को भी आकर्षित किया है जो स्कूल आने से कतराते थे.

उन्होंने कहा कि कंप्यूटर से पढ़ने और पढ़ाने का तरीका बहुत अच्छा है साथ ही परिणाम भी अच्छे मिल रहे हैं

नेपाल में इंटरनेट, टेलीफोन और मोबाइल फोन जैसी संचार सुविधाएं मुहैया कराने वाली सरकारी कंपनी नेपाल टेलीकॉम के अनुसार देश के लगभग हर ज़िले में इन सुविधाओं का विस्तार हो चुका है.

नेपालगंज में बीबीसी संवाददाता का कहना है कि स्वंयसेवी संस्थाओं और सरकारी स्कूलों के बीच सहयोग के चलते ग़रीब इलाकों में भी अब कंप्यूटर और इंटरनेट की सुविधाओं का तेज़ी से विस्तार हो रहा हैं.

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