नैटो नहीं भेजेगा अफ़ग़ान जेलों में क़ैदी

बीबीसी को मिली जानकारी के मुताबिक अफ़ग़ानिस्तान में नैटो के नेतृत्व वाले अभियान में क़ैदियों को अफ़ग़ान जेलों में भेजे जाने पर फ़िलहाल रोक लगा दी गई है. ऐसा प्रताड़ना के आरोपों के बाद किया गया है.

ये आरोप संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में लगाए गए हैं जो अभी छपी नहीं है. इसमें बताया गया है कि कैसे क़ैदियों को पीटा जाता है या कई बार बिजली के झटके दिए जाते हैं. जेलों को अफ़ग़ान पुलिस और खु़फ़िया विभाग चलाता है.

नैटो के एक अधिकारी ने कहा है कि जब तक जाँच नहीं हो जाती है तब तक क़ैदियों को इन जेलों में न भेजना सही फ़ैसला है.

अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा विभाग (एनडीएस) के ये जेल हेरत, ख़ोस्त, कपिसा, तखार इलाक़ों में है. इसका अलावा इनमें आंतकवाद निरोधक जेल भी शामिल है जिसे डिपार्टमेंट 124 कहा जाता है.

झटका

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में कुछ पुलिस अधिकारियों पर गुप्त जेल चलाने का भी आरोप लगाया गया है.

अंतरराष्ट्रीय गठबंधन के अधिकारियों ने राष्ट्रीय सुरक्षा विभाग के प्रमुखों से बात की है और आगाह किया है कि वो कई जेलों में क़ैदियों को भेजना बंद कर सकते हैं. कंधार प्रांत में तो पहले ही बंदी भेजे जाने बंद हो चुके हैं.

अंतरराष्ट्रीय गठबंधन के एक अधिकारी ने इसे बड़ा झटका बताया है. नैटो के नेतृत्व में अन्य देश अफ़ग़ान लोगों को ज़्यादा जि़म्मेदारी सौंप अपने सैनिकों को अफ़ग़ानिस्तान से वापस बुलाना चाहते हैं.

लेकिन कुछ इलाक़ों में इस बात की आशंका जताई जा रही है कि अफ़ग़ान सुरक्षाकर्मियों पर भरोसा नहीं किया जा सकता.

पिछले साल ब्रितानी रक्षा मंत्रालय ने काबुल के जेलों में कै़दियों के भेजने पर रोक लगा दी थी क्योंकि अदालत ने कहा था कि वहाँ उन्हें प्रताड़ित किया जा सकता है.

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