तीस्ता को छोड़ कई अहम समझौते

इमेज कॉपीरइट AP

भारत और बांग्लादेश ने सीमा विवादों को हल करने के लिए कई ऐतिहासिक समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं. हालांकि तीस्ता नदी के बंटवारे को लेकर समझौता नहीं हो सका.

भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह मंगलवार से बांग्लादेश के दौरे पर हैं. उन्होंने शाम को बांग्लादेशी प्रधानमंत्री शेख हसीना से मुलाक़ात की.

दोनों देशों में 162 छोटे इलाक़ों के आदान-प्रदान पर सहमति बनी है. इन इलाक़ों में करीब पचास हज़ार लोग रहते हैं लेकिन इनकी भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि ये अपने देश की सरकारों से कटे हुए रहते हैं.

इसके अलावा तीन बिघा दर्रे में बांग्लादेशी नागरिकों को 24 घंटे आने जाने की अनुमति भी दी गई है.

हालांकि तीस्ता नदी के पानी के बटवारे को लेकर समझौता नहीं होने से बांग्लादेश नाराज़ बताया जा रहा है.

दरअसल भारतीय राज्य पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पहले ही इस समझौते पर अपनी नाराज़गी जता दी थी. उन्होंने प्रधानमंत्री के साथ बांग्लादेश जाने से मना कर दिया था.

इसके बाद भारत के विदेश सचिव रंजन मथाई ने कहा था कि पश्चिम बंगाल की सहमति के बिना केंद्र सरकार पानी के बंटवारे पर कोई फ़ैसला नहीं लेगी.

शेख हसीना ने पिछले साल भारत का दौरा किया था. बुधवार को मनमोहन सिंह विपक्ष की नेता ख़ालिदा ज़िया से मिलेंगे और ढाका विश्वविद्यालय में भाषण देंगे. पिछले 12 वर्षों में ये किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली बांग्लादेश यात्रा है.

संबंधित समाचार