करज़ई की हत्या के षडयंत्र का पर्दाफ़ाश

हामिद करज़ई
Image caption अब तक हामिद करज़ई की हत्या के तीन प्रयास हो चुके हैं

अफ़ग़ान सरकार का कहना है कि उसने राष्ट्रपति हामिद करज़ई की हत्या के षडयंत्र को विफल कर दिया है.

सरकार का कहना है कि अफ़ग़ान ख़ुफ़िया एजेंसी ने छह लोगों को गिरफ़्तार किया है जिसमें से एक राष्ट्रपति करज़ई का सुरक्षाकर्मी है.

बताया गया है कि इनमें से कुछ का संबंध चरमपंथी गुट हक़्क़ानी नेटवर्क और अल-क़ायदा से है.

हाल के महीनों में हामिद करज़ई के कई सहयोगियों की हत्या की जा चुकी है, जिसमें पूर्व राष्ट्रपति बुरहानुद्दीन रब्बानी शामिल हैं जिनकी पिछले महीने हत्या की गई थी.

षडयंत्र

अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा निदेशालय (एनडीएस) के प्रवक्ता लुत्फ़ुल्लाह मशाल ने बताया, "एक ख़तरनाक और पढ़ा-लिखा गुट, जिसमें शिक्षक और छात्र शामिल हैं, राष्ट्रपति हामिद करज़ई को मारना चाहता था."

उनका कहना है, "दुर्भाग्यजनक ये है कि इन्होंने राष्ट्रपति के सुरक्षा घेरे को भी भेद लिया था और उनके एक सुरक्षा गार्ड को भी अपने गुट में शामिल कर लिया था."

लुत्फ़ुल्लाह मशाल का कहना है कि इनमें से कुछ का संबंध अल-क़ायदा और हक़्क़ानी नेटवर्क से है जिसका ठिकाना अफ़ग़ानिस्तान की सीमा पर उत्तरी वज़ीरिस्तान में है.

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2002 में राष्ट्रपति बनने के बाद से राष्ट्रपति हामिद करज़ई की हत्या के तीन प्रयास हो चुके हैं.

कई हत्याएँ

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Image caption बुरहानुद्दीन रब्बानी की हत्या से तालिबान से बातचीत के तार टूट गए हैं

पिछले महीने ही तालिबान से शांतिवार्ता कर रहे पूर्व राष्ट्रपति बुरहानुद्दीन रब्बानी की एक आत्मघाती हमले में हत्या कर दी गई थी.

अफ़ग़ान सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि रब्बानी का हत्यारा पाकिस्तानी था और अब पाकिस्तान जाँच में सहयोग नहीं कर रहा है.

पाकिस्तान इस आरोप का खंडन कर चुका है.

इससे पहले जुलाई में राष्ट्रपति करज़ई के भाई अहमद वली करज़ई की दक्षिणी शहर कंधार में उनके एक सुरक्षा गार्ड में हत्या कर दी थी.

जुलाई में ही काबुल में करज़ई के एक वरिष्ठ सहयोगी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.

इस बीच नेटो के नेतृत्व वाली सेना ने दावा किया है कि पूर्वी प्रांत खोस्त में हुए एक हवाई हमले में वरिष्ठ हक़्क़ानी नेटवर्क कमांडर और दो और चरमपंथी मारे गए हैं.

अधिकारियों का कहना है कि दिलावर नाम के हक़्क़ानी नेटवर्क के नेता की हत्या से इस गुट को एक और झटका लगा है.

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