नेपाल में राजनीतिक दलों के बीच समझौता

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Image caption नेपाली सुरक्षाबलों में अब एक तिहाई पूर्व माओवादी छापामारों को शामिल किया जाएगा

नेपाल के मु्ख्य राजनीतिक दलों के बीच एक शांति समझौते पर सहमति हो गई है.

समझौते के तहत एक तिहाई पूर्व माओवादी छापामार नेपाली सुरक्षाबलों में शामिल किए जाएँगे.

नेपाल के प्रधानमंत्री बाबूराम भट्टाराई के कार्यालय के एक प्रवक्ता ने बीबीसी को ये समझौता होने की जानकारी दी है.

समझौते के तहत नेपाल के पूर्व माओवादी छापामारों में से एक तिहाई को नेपाली सुरक्षाबलों में शामिल किया जाएगा.

शेष माओवादियों को पुनर्वास के लिए राशि दी जाएगी.

नेपाल में पूर्व माओवादी छापामारों की व्यवस्था शांति समझौते की राह में एक बड़ी बाधा बनी हुई थी.

समझौता

समझौता नेपाल के तीन प्रमुख राजनीतिक दलों – कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ नेपाल (माओवादी), नेपाली कांग्रेस औऱ कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ नेपाल(एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी) - के नेताओं के बीच हुआ.

इन दलों के बीच पिछले पाँच वर्षों से शांति वार्ता चल रही थी.

समझौते पर माओवादी प्रमुख पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’, नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष सुशील कोइराला, सीपीएम(एमाले) के नेता झालानाथ खनाल और मधेसी नेता और उपप्रधानमंत्री बिजय गच्छादार ने हस्ताक्षर किए.

नेपाल में पूर्व माओवादी छापामारों की संख्या लगभग 18-19 हज़ार बताई जाती है.

ये छापामार वर्ष 2006 में हुए शांति समझौते के बाद से शिविरों में रह रहे थे.

समझौते के तहत लगभग साढ़े छह हज़ार पूर्व छापामार सुरक्षाबलों में शामिल किए जाएँगे.

शेष पूर्व छापामारों को अगले तीन साल के भीतर चार लाख से आठ लाख नेपाली रूपए दिए जाएँगे.

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