पत्थर मारकर दो महिलाओं की हत्या

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Image caption अफ़ग़ान महिलाओं को कई प्रतिबंधों का सामना करना पड़ता है

अफ़ग़ानिस्तान के ग़ज़नी प्रांत में हथियारबंद लोगों के एक गुट ने एक महिला और उसकी बेटी की पत्थरों से मार-मारकर हत्या कर दी है.

सुरक्षा अधिकारियों ने बीबीसी से बातचीत में इस हत्या के लिए तालेबान को ज़िम्मेदार ठहराया. उन लोगों ने उस महिला और उसकी बेटी पर 'नैतिक भटकाव और अवैध संबंधों' का आरोप लगाया था.

ये परिवार ग़ज़नी शहर के ख़्वाजा हाकिम इलाक़े में रहता था जहाँ गुरुवार को ये घटना हुई.

पुलिस के अनुसार हत्या के मामले में दो लोगों को गिरफ़्तार कर लिया गया है.

सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि सशस्त्र लोग उस घर में घुसे जहाँ वह विधवा महिला अपनी बेटी के साथ रहती थी. लोगों ने उन्हें घर से बाहर निकाला और पत्थरों से मार-मारकर उनकी हत्या कर दी.

एक अधिकारी ने बताया, "पड़ोसियों ने न तो उनकी मदद की और न ही समय पर अधिकारियों को बताया."

अधिकारियों के अनुसार शहर के कई धार्मिक नेता ऐसे फ़तवे जारी कर रहे हैं जिनमें लोगों से 'अवैध संबंधों' में शामिल लोगों के बारे में बताने के लिए कहा जा रहा है.

पिछले साल अक्तूबर में सास को मारने के आरोप में एक महिला को तालेबान ने ग़ज़नी में मार दिया था. ग़ज़नी में हाल के वर्षों में इस तरह की हिंसा में बढ़ोत्तरी देखी गई है.

काबुल और कंधार के बीच में बसा ये प्रांत कूटनीतिक रूप से काफ़ी अहम है और कभी ये व्यापार का केंद्र हुआ करता था.

काबुल से बीबीसी के बिलाल सरवरी का कहना है कि प्रांत के बड़े हिस्से पर अब तालेबान के विद्रोहियों का नियंत्रण है और वहाँ के 18 ज़िलों में से सिर्फ़ सात पर अफ़ग़ान सरकार का नियंत्रण है.

वहाँ तालेबान ने प्रांत की राजधानी में शादियों के दौरान पुरुषों और महिलाओं के जश्न मनाने पर रोक लगा रखी है. पुरुष वैसे जश्न मना सकते हैं मगर उस दौरान कोई संगीत नहीं बजना चाहिए और महिलाओं को तो सिर्फ़ घर में ही जश्न मनाने की इजाज़त है.

राजधानी के कई रेडियो स्टेशन तालेबान गाने बजाते हैं.

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