पूर्व सेनाध्यक्ष सज़ा के ख़िलाफ़ अपील करेंगे

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Image caption सरथ फ़ोन्सेका ने राष्ट्रपति का चुनाव भी लड़ा था, लेकिन हार गए थे

श्रीलंका के पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल सरथ फ़ोन्सेका के एक वकील ने कहा है कि फ़ोन्सेका तीन साल क़ैद की सज़ा के ख़िलाफ़ अपील करेंगे.

सरकार पर युद्ध अपराध का आरोप लगाने वाले फ़ोन्सेका को हाई कोर्ट ने ये सज़ा सुनाई है. हालाँकि तीन जजों की इस खंडपीठ के एक जज ने इस सज़ा पर सहमति नहीं जताई थी.

सैन्य ख़रीद में अनियमितता के दोषी ठहराए गए फ़ोन्सेका पहले से ही जेल में हैं.

हालाँकि फ़ोन्सेका का कहना है कि उनके ख़िलाफ़ लगाए गए सभी आरोप झूठे और राजनीति से प्रेरित हैं.

आरोप

वर्ष 2009 में एलटीटीई के ख़िलाफ़ कार्रवाई में जीत हासिल करने के समय फ़ोन्सेका ही सेनाध्यक्ष थे. लेकिन बाद में राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे के साथ उनके संबंध बिगड़ गए थे.

उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव में राजपक्षे को चुनौती भी दी. लेकिन वे चुनाव हार गए और उसके बाद कई आरोपों में गिरफ़्तार भी कर लिए गए.

फ़ोन्सेका ने एक अख़बार के साथ इंटरव्यू में कहा था कि जिसमें उन्होंने कथित रूप से उन आरोपों का समर्थन किया था, जिसमें कहा गया था कि रक्षा मंत्री गोटाबाया राजपक्षे ने मई 2009 में आत्मसमर्पण कर चुके एलटीटीई नेताओं को गोली मारने के आदेश दिए थे.

गोटाबाया राजपक्षे राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे के भाई हैं. फ़ोन्सेका ने आरोप लगाया था कि 13 सितंबर 2009 को संडे लीडर में छपे लेख में उनकी बात को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया था.

फ़ोन्सेका के ख़िलाफ़ दो और मामलों पर सुनवाई होनी है. इनमें से एक मामला सेना के भगोड़ों को पनाह देना है. इन दोनों मामलों पर सुनवाई जनवरी से शुरू होगी.

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